वाराणसी।
महाशिवरात्रि के अवसर पर इस वर्ष श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में आस्था का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ने की संभावना है। मंदिर प्रशासन के अनुमान के अनुसार 45 घंटे में 10 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करेंगे। भारी भीड़ को देखते हुए 15 और 16 फरवरी को सभी प्रकार की ऑनलाइन बुकिंग बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के के अनुसार इस बार मंगला आरती में शामिल होने वाले भक्तों की संख्या पिछले चार वर्षों के औसत से कहीं अधिक रहेगी। अब तक महाशिवरात्रि पर मंगला आरती में औसतन 750 श्रद्धालु शामिल होते रहे हैं, लेकिन इस वर्ष यह संख्या एक हजार के पार पहुंचने का अनुमान है। ब्रह्म मुहूर्त में प्रातः तीन से चार बजे के बीच मंगला आरती संपन्न होगी। आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को अपना पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। गर्भगृह के चारों द्वारों के सामने बैठने की विशेष व्यवस्था की जाएगी।
सामान्य दिनों में प्रतिदिन लगभग 250 श्रद्धालु मंगला आरती में शामिल होते हैं। हाल ही में मंदिर प्रशासन ने दो गुना यानी 500 श्रद्धालुओं की उपस्थिति का रिहर्सल भी किया था और ऑफलाइन टिकटों की संख्या बढ़ाई गई थी।
महाशिवरात्रि के बाद भी मंगला आरती के ऑनलाइन टिकटों की भारी मांग बनी हुई है। 13 फरवरी से 13 मार्च के बीच 23 दिनों तक ऑनलाइन टिकट उपलब्ध नहीं हैं। ट्रस्ट की वेबसाइट पर बुकिंग फुल दिखाई दे रही है। इस अवधि में महाशिवरात्रि, रंगभरी एकादशी और होली समेत छह दिनों की ऑनलाइन बुकिंग निलंबित की गई है। 13 मार्च के बाद की बुकिंग 12 फरवरी को खोली जाएगी।
उल्लेखनीय है कि 2017 में कॉरिडोर निर्माण से पहले महाशिवरात्रि पर करीब दो लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, जबकि 2022 में कॉरिडोर लोकार्पण के बाद एक ही दिन में छह लाख भक्त पहुंचे थे। इस वर्ष 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान है।











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