वाराणसी।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ शिक्षक नेता सनत कुमार सिंह ने बताया कि टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश डाॅ दिनेश चन्द्र शर्मा के निर्देशन में विगत कुछ माह पूर्व शिक्षक प्रतिनिधियों द्वारा सभी माननीय सांसद को ज्ञापन देकर #NoTetBeforeRteAct के सम्बन्ध ज्ञापन देकर अवगत कराया गया।माननीय केंद्रीय शिक्षा (राज्य)मंत्री शिक्षकों के साथ वार्ता में जो बयान देते हैं ,संसद में उसके विपरीत बयान दे रहे हैं। तो फिर सभी राज्यों से जो आँकड़े और सूचना माँगी गई है क्या वो सब मिथ्या है ।यदि आप शिक्षकों के साथ है तो उत्तर में सभी राज्यों से सूचना माँगे जाने और विचार करने का उल्लेख आना चाहिए था ।
आपके इस बयान की जितनी निंदा की जाये वो कम है ।ऐसा लगता है कि शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार ने कसम खा ली है,कि देश में किसी को शान्ति से नहीं बैठने देंगे ।देश के 20 लाख शिक्षक जो आपके द्वारा निर्धारित योग्यता हासिल करके शिक्षक बने हैं उन्हें सेवा में आने के 20-25 वर्ष वर्तमान की योग्यता हासिल करने को बाध्य करना कितना न्यायोचित है?20 वर्ष पहले पुलिस,सेना या अर्धसैनिक बलों में 10 किमी की रेस लगाकर भर्ती अधिकारी या सैनिक को यदि दौड़ा दिया जाए तो विभाग ख़ाली हो जाएगा।
देश में कितने माननीय न्यायाधीश हैं जो आज CLAT EXAM में बैठने को तैयार हैं?50-55 वर्ष के शिक्षकों को परीक्षा में बैठने को मजबूर किया जा रहा है और शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार तमाशा देख रहा है।देश के नागरिक अपने सांसद इसलिए चुनते हैं कि संसद में उनके हितों की रक्षा करेंगे।देश की संसद में सभी राज्यों से सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदो ने गत संसद सत्र में इस विषय को उठाया था लेकिन उसके बाद भी इस प्रकार का उत्तर देना यह सिद्ध करता है कि इनको किसी के हितों से कोई मतलब नहीं है। सनत कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षकों को वृहद स्तर पर आंदोलन करने के लिए सरकार द्वारा बाध्य किया जा रहा है।जो उचित नहीं है।








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