चकिया (चंदौली)
सावित्री बाई फुले राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चकिया में मंगलवार को प्राचार्य की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में ‘लोकतांत्रिक प्रक्रिया में मतदान का महत्व और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की भूमिका’ विषय पर प्रथम एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डॉ. सुरेन्द्र कुमार सिंह एवं डॉ. कलावती के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के प्रारंभिक सत्र में उपस्थित सभी स्वयंसेवक एवं स्वयंसेविकाओं को व्यक्तित्व निर्माण एवं विकास में राष्ट्रीय सेवा योजना की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी गई। पूर्व कार्यक्रम प्रभारी डॉ. शमशेर बहादुर सिंह ने कहा कि एनएसएस समाज और राष्ट्र सेवा की भावना से जुड़ने का सशक्त मंच प्रदान करता है, जो युवाओं में सामाजिक दायित्वबोध को सुदृढ़ करता है।
राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डॉ. सुरेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि यह योजना युवाओं में सामूहिकता, सकारात्मक सोच और सेवा भाव विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम के अंतर्गत स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक श्रमदान कर शेरपुर की मलिन बस्तियों एवं महाविद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया तथा स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
अपराह्न सत्र में आयोजित बौद्धिक संगोष्ठी में राजनीति विज्ञान के सहायक प्रोफेसर पवन कुमार सिंह ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में मतदान के महत्व एवं विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की भूमिका पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का आधार स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान है, जिसके लिए मतदाता सूची का शुद्ध, अद्यतन और विश्वसनीय होना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि SIR के माध्यम से मृत व्यक्तियों के नाम हटाए जाते हैं, स्थानांतरित मतदाताओं का सत्यापन किया जाता है तथा दोहराव को समाप्त किया जाता है। साथ ही नए पात्र नागरिकों—विशेषकर युवाओं, महिलाओं, प्रवासी श्रमिकों एवं वंचित वर्गों—को मतदाता सूची में शामिल कर लोकतांत्रिक भागीदारी को व्यापक बनाया जाता है।
लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने हेतु मतदाता सूची की शुद्धता के महत्व को रेखांकित करते हुए स्वयंसेवकों ने शेरपुर गांव में रैली निकालकर नारेबाजी के माध्यम से जनजागरूकता अभियान भी चलाया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. सरवन कुमार यादव, डॉ. रमाकांत गौड़, संतोष कुमार, डॉ. प्रियंका पटेल, डॉ. संतोष कुमार यादव, विश्व प्रकाश शुक्ल, डॉ. रोहित कुमार यादव, समरजीत राकेश, देवेन्द्र बहादुर सिंह, सुरेन्द्र प्रसाद, श्याम जन्म सोनकर सहित अनेक शिक्षकगण एवं स्वयंसेवक-स्वयंसेविकाएं उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – अलीम हाशमी








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