वाराणसी। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर काशी विश्वनाथ धाम में इस वर्ष एक ऐतिहासिक और भावनात्मक क्षण साकार होने जा रहा है। पहली बार भगवान शिव के विवाह से जुड़े वस्त्र और श्रृंगार का सामान श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा से काशी पहुंचेगा। महाशिवरात्रि के दिन बाबा विश्वनाथ का भव्य श्रृंगार इन वस्त्रों और आभूषणों से किया जाएगा।
भगवान शिव के विवाह में प्रयुक्त होने वाले नेग-पंचमेवा, फलाहारी चढ़ावा, वस्त्र, आभूषण और अन्य श्रृंगार सामग्री मथुरा से काशी भेजी जाएगी। इन सामग्रियों को विशेष रूप से भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में तैयार किया गया है। आठ फरवरी को मथुरा में सूर्योदय के बाद एक सजी ट्रक से विवाह सामग्री वाराणसी के लिए रवाना की जाएगी। 9 फरवरी को सामग्री श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचेगी। ब्रजवासी हरि-हर के स्वरूप का साक्षात्कार करते हुए पुष्पवर्षा कर सामग्री को विदा करेंगे।
रंग भरी एकादशी पर बाबा विश्वनाथ को मथुरा से अबीर-गुलाल भेजे जाते हैं। वहीं पिछले साल श्री काशी विश्वनाथ ट्रस्ट और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के साथ समझौता कर नेग और उपहार भेजने की परंपरा शुरू हुई। इसके साथ ही विश्वनाथ धाम और श्रीकृष्ण जन्मस्थान मथुरा के बीच उपहारों के आदान-प्रदान का क्रम शुरू हुआ। विश्वनाथ धाम की ओर से लड्डू गोपाल के लिए भस्म, अबीर-गुलाल, फल-फूल, मिठाई, वस्त्र, चाकलेट आदि भेंट किया गया था।











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