शहाबगंज (चन्दौली)
शहाबगंज विकासखंड की ग्राम पंचायत भटरौल में वर्ष 2018-19 का एक पुराना मामला अब फिर से सुर्खियों में आ गया है। गांव की गलियों में दबे-दबे स्वर में कही जाने वाली बातें अब कागजों के सहारे सामने आ चुकी हैं। ग्राम पंचायत के विकास के नाम पर निकली रकम ने जब अपने ही घर का रास्ता पकड़ लिया, तो सवालों की एक लंबी कतार खड़ी हो गई।
भटरौल निवासी सतीश कुमार पुत्र सुरेन्द्र कुमार ने अधिकारियों को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान पुर्व प्रधान प्रधान पुष्पा सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने पति संजीव कुमार सिंह की फर्म धनश्री बिल्डिंग मैटेरियल, भटरौल को नियमों को ताक पर रखकर भुगतान कराया। आरोप है कि ग्राम निधि के खाते से कुल ₹2 लाख 58 हजार की रकम तीन अलग-अलग किश्तों में निकाल ली गई।
कहानी की परतें तब खुलती हैं जब तिथियों पर नजर जाती है—
7 सितंबर 2018 को एक चेक से ₹1 लाख 20 हजार,
24 सितंबर 2018 को दूसरे चेक से ₹72 हजार,
और 2 नवंबर 2018 को तीसरे चेक से ₹66 हजार।
यह पूरी राशि निर्मल भारत अभियान से जुड़े ग्राम निधि खाते से यूबीआई शहाबगंज शाखा के माध्यम से जारी की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर आई यह रकम अगर वास्तव में गांव में लगती, तो शायद आज हालात कुछ और होते। लेकिन आरोप है कि नियमों की अनदेखी कर अपने ही परिवार की फर्म को भुगतान कर दिया गया, जो सीधे तौर पर हितों के टकराव और गबन की ओर इशारा करता है।
शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामला सामने आने के बाद गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म है। अब देखना यह है कि फाइलों में दबी यह कहानी जांच की रोशनी में क्या मोड़ लेती है और प्रशासन कब तक इस पर ठोस कदम उठाता है।










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