बीएचयू का स्थापना दिवस : कुलपति ने ट्रॉमा सेंटर में किया हवन-पूजन, बोले भारतीय संस्कृति के संरक्षण के उद्देश्य से हुई है बीएचयू की स्थापना

Picture of voiceofshaurya@gmail.com

voiceofshaurya@gmail.com

FOLLOW US:

Share

वाराणसी।   काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) का 111वें स्थापना दिवस के अवसर पर शुक्रवार को बसंत पंचमी के दिन मनाया जा रहा है। बीएचयू स्थित ट्रामा सेंटर परिसर में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी ने सरस्वती मंदिर के समीप वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से हवन-पूजन एवं पूजा-पाठ किया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय परिवार के सभी वरिष्ठ अधिकारी, पदाधिकारी, शिक्षकगण, चिकित्सक, कर्मचारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पूरे परिसर में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। मां सरस्वती की प्रतिमा को पुष्प अर्पित कर ज्ञान, विवेक और सद्बुद्धि की कामना की गई। इस अवसर पर कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने विश्वविद्यालय परिवार को बसंत पंचमी एवं स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन और संकल्प लेने का अवसर भी है।

उन्होंने कहा कि “हमें आज यह प्रश्न स्वयं से करना चाहिए कि हम विश्वविद्यालय को उन्नति की ओर ले जाने के लिए क्या योगदान दे सकते हैं। शिक्षा, अनुसंधान, चिकित्सा और समाज सेवा के क्षेत्र में बीएचयू को और अधिक सशक्त बनाने के लिए सभी को सामूहिक रूप से कार्य करना होगा।” उन्होंने आगे कहा कि बीएचयू की स्थापना राष्ट्र निर्माण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और भारतीय संस्कृति के संरक्षण के उद्देश्य से की गई थी और आज भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। विश्वविद्यालय को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुँचाने के लिए नवाचार, अनुशासन और समर्पण जरूरी है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी विश्वविद्यालय के विकास, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और शैक्षणिक गुणवत्ता को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की। हवन-पूजन के बाद प्रसाद वितरण किया गया और सभी ने एक-दूसरे को बसंत पंचमी की शुभकामनाएं दीं। बसंत पंचमी का दिन मां सरस्वती को समर्पित होता है और काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना भी इसी शुभ तिथि को हुई थी, जिसके कारण यह पर्व बीएचयू के लिए विशेष महत्व रखता है। हर वर्ष इस दिन विश्वविद्यालय में श्रद्धा, परंपरा और शिक्षा के संगम का अनूठा दृश्य देखने को मिलता है।

 

 

रिपोर्ट विजयलक्ष्मी तिवारी

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई