वाराणसी। काशी विश्वनाथ धाम में आस्था और तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। अब भक्तों के प्रश्नों का समाधान एआई नंदी कर रहे हैं। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा विकसित ‘Ask Nandi Chatbot’ का सफल परीक्षण पूरा हो गया है, जिसमें बीते एक वर्ष के दौरान 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने अपने सवाल पूछे और मंदिर से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कीं। यह पहल श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन और बेहतर अनुभव देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।
प्रतिदिन ढाई से तीन लाख श्रद्धालु ले रहे हैं एआई नंदी की मदद
मंदिर न्यास के अनुसार, परीक्षण अवधि के दौरान प्रतिदिन औसतन ढाई से तीन लाख लोग इस एआई चैटबॉट के माध्यम से जानकारी प्राप्त करते रहे। दर्शन व्यवस्था, आरती, पूजा पद्धतियों और भीड़ की स्थिति से जुड़े सवालों के त्वरित और सटीक उत्तर मिलने से श्रद्धालुओं का भरोसा इस डिजिटल सुविधा पर लगातार बढ़ा है।
दर्शन, आरती और भीड़ की स्थिति तक हर सवाल का जवाब
‘Ask Nandi Chatbot’ के जरिए श्रद्धालु यह जान सकते हैं कि दर्शन की अवधि क्या है, विभिन्न आरतियों के टिकट कैसे और कब मिलेंगे, किस समय मंदिर में भीड़ कम या अधिक रहती है, किस समय सुगम दर्शन संभव है और काशी आने का सबसे उपयुक्त समय कौन सा है। इसके साथ ही विभिन्न प्रकार की पूजा विधियों और धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़ी जानकारी भी यह एआई चैटबॉट उपलब्ध कराता है।
प्राचीनतम तीर्थ में आधुनिकतम तकनीक का प्रयोग
हजारों वर्षों पुरानी सनातन परंपरा को सहेजते हुए श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में आधुनिक तकनीक का समावेश किया जा रहा है। मंदिर न्यास का मानना है कि सनातन धर्म स्थिर नहीं, बल्कि डायनेमिक और वायब्रेंट है, जो समय के साथ नवाचार को अपनाता है। ‘Ask Nandi Chatbot’ इसी सोच का सशक्त उदाहरण है।
एआई चैटबॉट क्या है और कैसे करता है काम
एआई चैटबॉट एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित डिजिटल सहायक होता है, जो इंसानों द्वारा पूछे गए सवालों को समझकर जवाब देता है। ‘Ask Nandi Chatbot’ में श्रीकाशी विश्वनाथ धाम से जुड़ी विस्तृत जानकारियों का विशाल डाटा फीड किया गया है। जब कोई श्रद्धालु मोबाइल या डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सवाल पूछता है, तो यह सिस्टम उस प्रश्न को समझकर अपने डाटा और पिछले अनुभवों के आधार पर तुरंत उत्तर देता है। जैसे-जैसे लोग अधिक प्रश्न पूछते हैं, यह सिस्टम और अधिक स्मार्ट होता जाता है।
निरंतर इनोवेशन की दिशा में मंदिर न्यास
इस संबंध में जानकारी देते हुए श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र ने बताया कि मंदिर ट्रस्ट श्रद्धालुओं की सुविधा को केंद्र में रखकर लगातार नवाचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि आस्था के इस प्राचीन केंद्र में आधुनिक तकनीक का उद्देश्य भक्तों को बेहतर, सुगम और सुव्यवस्थित दर्शन का अनुभव प्रदान करना है।
कुल मिलाकर, एआई नंदी के रूप में शुरू की गई यह डिजिटल पहल यह साबित करती है कि काशी में परंपरा और तकनीक साथ-साथ चलकर भक्तों की सेवा कर सकती हैं।










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