चंन्दौली बबुरी
लालचौक बबुरी में 44वीं शहादत दिवस के अवसर पर शहीद कामरेड भोला और लालचंद को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वर्ष 19 जनवरी 1982 को भारत बंद के दौरान जनसभा पर हुई पुलिस फायरिंग में दोनों सगे भाई शहीद हो गए थे। सोमवार को उनकी शहादत की याद में साधन सहकारी समिति बबुरी से सैकड़ों की संख्या में लोगों ने जुलूस निकाला।
जुलूस में शामिल लोगों ने “कामरेड भोला–लालचंद अमर रहें”, “शहीदों तेरे अरमानों को मंजिल तक पहुंचाएंगे” जैसे नारों के साथ सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों ने बिजली बिल माफी, 200 यूनिट मुफ्त बिजली, मनरेगा को कमजोर करने की साजिश बंद करने, शिक्षा व बिजली के निजीकरण पर रोक, स्मार्ट मीटर न लगाने, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और सांप्रदायिक हिंसा पर रोक लगाने की मांग की।
जुलूस शहीद स्थल लालचौक पहुंचा, जहां शहीदों की बेदी पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद बाजार का चक्रमण करते हुए जुलूस सभा स्थल पहुंचा और श्रद्धांजलि सभा में तब्दील हो गया। सभा की शुरुआत साथी गुड्डू रंगीला के क्रांतिकारी गीतों से हुई।
सभा को संबोधित करते हुए सीपीएम राज्य मंत्रिपरिषद सदस्य कामरेड बृजलाल भारती ने कहा कि मनरेगा से न केवल महात्मा गांधी का नाम, बल्कि 100 दिन काम की गारंटी भी समाप्त की जा रही है। मजदूरों को समय पर मजदूरी नहीं मिल पा रही है।
सभा की अध्यक्षता शहीदों के सहोदर भाई कामरेड लालजी एडवोकेट ने की तथा संचालन कामरेड गुलाब चंद ने किया।










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