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चन्दौली शहाबगंज।  जहाँ एक ओर सरकार गरीबों के उत्थान की बात करती है, वहीं चकिया तहसील क्षेत्र के शहाबगंज थाना अंतर्गत ग्राम सभा मनकपड़ा के इटउजिया मौजा में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। बीती मध्य रात्रि अराजक तत्वों ने सोते हुए परिवार के आशियाने को आग के हवाले कर दिया।

आग इतनी भयानक थी कि पल भर में घर आग का गोला बन गया। पीड़ित विद्या प्रकाश शर्मा पुत्र स्वर्गीय शंभू की वर्षों की मेहनत, खून-पसीने की कमाई कुछ ही मिनटों में राख में तब्दील हो गई।

जनरेटर, थ्रेसर, सबमर्सिबल, सोलर पैनल, पाइप,
10 बोरा धान, चावल, गेहूं, आटा,
कपड़े, बर्तन, राशन —

घर की एक-एक चीज़ जलकर खाक हो गई।

आग की लपटें इतनी ऊँची थीं कि पूरा गांव सहम गया। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड और शहाबगंज प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। वही परिवार, जो मेहनत कर अपना पेट पाल रहा था, खुले आसमान के नीचे खड़ा है।

कमाई का साधन खत्म, अनाज खत्म, कपड़े खत्म — सिर्फ आंसू और बेबसी बची है।

ग्रामीणों का साफ आरोप है कि यह आग दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश है। सवाल उठ रहा है कि आखिर गरीब का घर ही क्यों जलाया गया? दोषी अब तक आज़ाद क्यों हैं?

पीड़ित परिवार न्याय और मुआवजे की गुहार लगा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस मदद नहीं मिली। अगर समय रहते सहायता नहीं मिली तो यह परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच सकता है।

ग्रामीणों और सामाजिक लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और पुनर्वास दिया जाए आगजनी की घटना का खुलासा सार्वजनिक रूप से किया जाए

यह सिर्फ एक घर नहीं जला, यह सिस्टम की संवेदनहीनता पर बड़ा सवाल है।

 

रिपोर्ट अलीम हाशमी

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