नियमों को ताक पर रखकर काम कर रहे ग्राम सचिव, राशन कार्ड सत्यापन में बरती जा रही घोर लापरवाही

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चंदौली चकिया।  प्रदेश सरकार द्वारा जारी स्पष्ट निर्देशों के बावजुद चकिया ब्लॉक अंतर्गत अमरा उत्तरी ग्राम पंचायत में तैनात ग्राम सचिव सौरभ कुमार की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि सचिव द्वारा गांव के अन्त्योदय एवं लाल राशन कार्डों के सत्यापन में जानबूझकर रुचि नहीं ली जा रही है, जिससे पात्र गरीब परिवार सरकारी योजनाओं से वंचित हो रहे हैं, जबकि अपात्र लोग लाभ उठा रहे हैं।

ब्लॉक कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अन्त्योदय कार्डों के सत्यापन हेतु लगभग तीन माह पूर्व ही ग्राम सचिव को लिखित निर्देश (लेटर) जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद तीन महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सचिव द्वारा सत्यापन कार्य शुरू नहीं किया गया। यह स्थिति शासन-प्रशासन के आदेशों की खुली अवहेलना मानी जा रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव की लापरवाही के कारण गांव में बड़ी संख्या में अपात्र लाभार्थी अन्त्योदय व लाल कार्ड के जरिए सरकारी राशन उठा रहे हैं, जबकि वास्तविक जरूरतमंद परिवार भी राशन कार्ड से वंचित हैं। कई गरीब परिवार ऐसे हैं, जो पात्र होने के बावजूद कार्ड न होने या सत्यापन न होने के कारण सरकारी सहायता से बाहर हैं।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कई बार मौखिक रूप से सचिव से सत्यापन कराने की मांग की गई, लेकिन हर बार टालमटोल किया गया। इससे गांव में असंतोष और रोष का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सत्यापन हो जाए तो अपात्रों के नाम हटाकर जरूरतमंदों को योजना का लाभ मिल सकता है।

सेक्रेटरी की इस कार्यशैली से नाराज ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सत्यापन कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे जिलाधिकारी चंदौली और मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश से लिखित शिकायत करेंगे। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया, तो गांव में आंदोलनात्मक कदम भी उठाए जा सकते हैं।

अब सवाल यह है कि ब्लॉक और जिला स्तर के अधिकारी इस गंभीर लापरवाही पर कब संज्ञान लेंगे। शासन की मंशा गरीबों को समय पर योजनाओं का लाभ देने की है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की उदासीनता उस मंशा पर पानी फेरती नजर आ रही है। ग्रामीणों की निगाहें अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।

 

रिपोर्ट अलीम हाशमी

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