बलिया
आदिवासी क्रांतिवीर महानायक मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा जी की 124 वीं जयंती 3 जनवरी 2026 को बलिया ग्राम निधरिया स्थित बाबा साहेब डॉ.भीम राव अंबेडकर सामुदायिक केन्द्र पर पूरे उत्साह पूर्वक धूम धाम से मनाया गया! सर्वप्रथम जयपाल सिंह मुंडा जी के चित्र पर फूल माला चढ़ाकर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गयी और अमर रहें के जोरदार नारे लगाए गए।
विषय प्रवर्तन जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय नई दिल्ली के छात्र नेता प्रदीप गोंड ने करते हुए जयपाल सिंह मुंडा जी के आदिवासी संघर्ष गाथा पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला और जयपाल सिंह मुंडा जी को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की मांग को प्रमुखता से उठाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गोंडवाना विचारक तिरु.छितेश्वर प्रसाद गोंड ने कहा की जयपाल सिंह मुंडा जी का जन्म 3 जनवरी 1903 को झारखंड रांची के टकरा पाहन टोली ग्राम मे हुआ था!
उनकी प्राथमिक शिक्षा गांव के ही स्कूल में हुआ था! उच्च शिक्षा ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातकोतर की डिग्री प्राप्त कर ऑक्सफोर्ड ब्लू का खिताब प्राप्त किए जो आगे चलकर आईसीएस की परीक्षा भी पास किए लेकिन जयपाल सिंह मुंडा जी आईसीएस की उच्च अधिकारी बनने के बजाय 1928 मे भारत हॉकी टीम की कप्तानी कर देश को ओलंपिक हॉकी में पहला स्वर्णपदक दिला कर भारत को गौरांवित कराने का काम किए। देश लौटकर आदिवासी महासभा से जुड़कर भारत के आदिवासियों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष करते रहे।
सक्रिय राजनीति में भाग लेकर संविधान सभा के सदस्य चुने गए और आदिवासी हितों की आवाज को बुलंद किए। आज की युवा पीढ़ी को मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा जी की संघर्ष गाथा से प्रेरणा लेकर अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए सतत संघर्षरत रहने की आवश्यकता है।
जयंती समारोह को प्रमुख रूप से पूर्व प्रधान लालविहरी वर्मा, प्रदीप गोंड, अरविंद गोंडवाना, मनोज शाह, कन्हैया गोंड, सुरेश शाह, श्रीभगवान गोंड, चंदन गोंड, सुदेश शाह, संजय गोंड, शिवजी गोंड, बच्चालाल गोंड ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित कर अपने विचार व्यक्त किए।











Users Today : 119
Users This Year : 23910
Total Users : 36503
Views Today : 274
Total views : 71771