वाराणसी कफ सिरप तस्करी केस में कोर्ट का बड़ा वार, 6 फरार आरोपियों पर NBW जारी

Picture of voiceofshaurya@gmail.com

voiceofshaurya@gmail.com

FOLLOW US:

Share

वाराणसी। चर्चित वाराणसी कफ सिरप तस्करी मामला में न्यायिक शिकंजा और कस गया है। अपर जिला जज/दूरगामी (चौदहवाँ) वित्त आयोग मनोज कुमार की अदालत में शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बड़ा और सख़्त फैसला सुनाया। मुख्य आरोपियों में शामिल भोला प्रसाद जायसवाल को कड़ी सुरक्षा के बीच सोनभद्र जेल से वाराणसी कोर्ट लाया गया, जहाँ उसे 7 दिनों की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष अभियोजक सुनील सिंह ने मामले में प्रभावी पैरवी की। कोर्ट ने पत्रावली और दलीलों पर विचार करने के बाद अगली सुनवाई की तिथि 9 जनवरी तय की है।

6 फरार आरोपियों पर गैर-जमानती वारंट (NBW)

कोर्ट ने मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल समेत 6 अभियुक्तों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया है। जिन आरोपियों पर NBW जारी हुआ है, उनमें शामिल हैं—

* शुभम जायसवाल (प्रहलाद घाट)

* दिवेश जायसवाल उर्फ सानू (खोजवा बाजार)

* विकास सिंह (जौनपुर)

* आकाश पाठक (गोलघर)

* राहुल यादव (गायघाट)

* अमित (सोनिया)

फर्जी दस्तावेजों से फर्म बनाकर कोडीन सिरप की तस्करी

कोतवाली थाने में दर्ज मुकदमे के अनुसार, मेसर्स शैली ट्रेडर्स और उसके कॉम्पिटेंट पर्सन शुभम जायसवाल ने सहयोगियों के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर फर्म का पंजीकरण कराया। आरोप है कि इस फर्म के जरिए कोडीनयुक्त कफ सिरप को मेडिकल उपयोग के बजाय नशे के रूप में अवैध तरीके से बाजार में खपाया जा रहा था। पुलिस ने पहले ही इस गिरोह का पर्दाफाश करते हुए कई अहम गिरफ्तारियाँ की थीं।

आरोपियों की संपत्ति जब्ती की तैयारी

इसी मामले में पुलिस ने आरोपियों की संपत्ति जप्तीकरण (Property Attachment) के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह ने इस पर लिखित आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिस पर कोर्ट ने इस मुद्दे पर भी 9 जनवरी को सुनवाई तय की है।

एक अन्य आरोपी ने किया सरेंडर

इसी प्रकरण से जुड़े एक अन्य मामले में रोहनिया थाना क्षेत्र के आरोपी महेश कुमार सिंह (निवासी काशीपुर) ने पुलिस को चकमा देते हुए कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी ने अपने अधिवक्ता विपिन शर्मा के माध्यम से सरेंडर किया, जिसके बाद कोर्ट ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।

⚠️ फरार आरोपियों की बढ़ेंगी मुश्किलें

कोर्ट की सख्ती और NBW जारी होने के बाद अब फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी तय मानी जा रही है। पुलिस जल्द ही छापेमारी और गिरफ्तारी अभियान को और तेज कर सकती है।

 

रिपोर्ट विजयलक्ष्मी तिवारी

 

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई