वाराणसी। कफ सिरप प्रकरण को लेकर बुधवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में एनएसयूआई के सदस्यों ने मौन धरना-प्रदर्शन किया। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने गांधीवादी तरीके से मुंह पर काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। आरोप लगाया कि सरकार की कार्रवाई सिर्फ दिखावे की हो रही है। सरकार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
एनएसयूआई कार्यकर्ता विश्वविद्यालय परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास एकत्र हुए और प्रदेश में चल रहे कफ सिरप मामलों को लेकर विरोध जताया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। कार्यकर्ताओं का कहना था कि इतने बड़े मामले के बावजूद मुख्य आरोपियों के खिलाफ अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष ऋषभ पाण्डेय ने कहा कि प्रदेश में कफ सिरप से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, लेकिन अब तक मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कार्रवाई सिर्फ दिखावे तक सीमित है। ऋषभ पाण्डेय ने तंज कसते हुए कहा कि “लगता है बाबा का बुलडोजर गोरखपुर में ही खड़ा कर दिया गया है, क्योंकि अब तक किसी भी बड़े अपराधी के घर पर कार्रवाई नहीं हुई है।”
उन्होंने आगे कहा कि मध्यप्रदेश में कोडिन कफ सिरप के सेवन से कई नवजवान छात्रों की मौत हो चुकी है, लेकिन उनके परिजनों को अब तक न्याय नहीं मिला है। एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें फांसी जैसी कठोर सजा दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक अपराधियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती और पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलता, तब तक एनएसयूआई का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने हाथों में तख्तियां लेकर शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराया। पूरे कार्यक्रम में अनुशासन और शांति बनाए रखी गई। कार्यक्रम में एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष के साथ जतीन पटेल, आदर्श सोनकर, हिमांशु पाण्डेय, राघवेंद्र सिंह, आशु गौतम, रविन्द्र पटेल, शिवम सोनकर सहित बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ता और छात्र मौजूद रहे।










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