वाराणसी में ‘कोल्ड टॉर्चर’ शुरू: घने कोहरे और शीतलहर की चपेट में काशी

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वाराणसी धर्म नगरी काशी में दिसंबर के दूसरे पखवाड़े की शुरुआत के साथ ही मौसम ने कड़े तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। गुरुवार को वाराणसी और आसपास के इलाके भीषण शीतलहर और घने कोहरे की चादर में लिपटे नजर आए। कड़ाके की ठंड और बर्फीली हवाओं के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

दिन और रात के तापमान में भारी गिरावट
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पछुआ हवाओं के प्रभाव से दिन के अधिकतम तापमान । वहीं न्यूनतम तापमान भी सामान्य से नीचे चला गया है, जिससे रातें और अधिक सर्द हो गई हैं। गुरुवार की सुबह दृश्यता (Visibility) इतनी कम थी कि सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई और हेडलाइट्स के सहारे यातायात संचालित करना पड़ा।

अगले 3 दिनों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी
मौसम विज्ञान विभाग ने वाराणसी समेत पूर्वांचल के कई जिलों के लिए अगले 72 घंटों का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार:
* घना कोहरा: अगले तीन दिनों तक सुबह और देर रात “घना से बहुत घना कोहरा” छाए रहने की संभावना है।
* शीतलहर का कहर: उत्तर की ओर से आ रही ठंडी हवाएं गलन और बढ़ाएंगी।
* धूप का अभाव: बादलों और धुंध की वजह से दिन में धूप की तीव्रता कम रहेगी, जिससे “कोल्ड डे” जैसी स्थिति बनी रह सकती है।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की सलाह
बढ़ती ठंड को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था तेज करने के निर्देश दिए हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि:
* हृदय और सांस के रोगी सुबह के समय घर से बाहर निकलने से बचें।
* छोटे बच्चों और बुजुर्गों को गर्म कपड़ों की कई परतों में रखें।
* कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय फॉग लाइट्स का प्रयोग करें और गति धीमी रखें।

 

रिपोर्ट विजयलक्ष्मी तिवारी

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