चन्दौली चकिया
पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन मे व पुलिस अधीक्षक आपरेशन दिगम्बर कुशवाहा के आदेशानुसार चेकिंग संदिग्ध व्यक्ति/वाहन, अपराध एवं अपराधियों पर नियन्त्रण , वांछित/वारंटी अभियुक्तों के गिरफ्तारी हेतु चलाये जा रहे अभियान के क्रम में क्षेत्राधिकारी चकिया रघुराज के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह द्वारा गठित टीम ने कोतवाली चन्दौली पर पंजीकृत मु0अ0सं0 253/2025 धारा 419/420/467/468/471/406/506 भादवि में वांछित अभियुक्त होरीलाल पुत्र नन्हकू निवासी सोनहुल थाना चकिया जनपद चन्दौली को दिनांक 16.12.25 को समय 11.40 बजे अभि0 के घर ग्राम सोनहुल से गिरफ्तार कर संबंधित विवेचक को अग्रिम कार्यवाही हेतु अवगत कराया गया ।
पूछताछ विवरण-
पूछताछ करने पर अभियुक्त बता रहा है कि सिन्टू उर्फ अभिषेक पुत्र जन्तू निवासी ग्राम फत्तेपुर, थाना चकिया, चन्दौली, कैलाश पुत्र स्व० कमला उर्फ श्यामलाल निवासी ग्राम भरेहटा कला, थाना चकिया, चन्दौली को जमीन बेचवाने के लिए मेरे पास आये थे । तब मै और सिन्टू बुढवल मे जाकर हसीना बेगम पत्नी मुहर्रम अली निवासी ग्राम रामपुर थाना कन्दवा जनपद चन्दौली व उसके पति मोहर्रम अली को कैलाश की जमीन को दिखवाये थे ।
तब जमीन देखने के बाद दस लाख रूपये मे हसीना बेगम तैयार हो गयी थी । पैसे के लालच मे आकर सिन्टू उपरोक्त के कहने पर हम लोगो ने कैलाश के आधार कार्ड मे संशोधन करवा दिया क्योकि कैलाश के चाचा लालता को कोई संतान नही थी और लालता कैलाश के परिवार मे ही रहते थे । हम लोगो ने कैलाश को यह बताया गया कि बुढवल के पास जो आपके विवादित जमीन है उसमे आपके चाचा लालता का भी नाम है ।
उनके मरने के बाद वो जमीन आपकी हो जायेगी क्योकि अपने चाचा की देखभाल आप ही करते है । उस जमीन को बेचने के लिए आप केवल जमीन के पास खडे होकर जमीन खऱीदने वाले को बता दीजिए कि हाँ यह मेरी जमीन है जिसको मै बेचना चाहता हूँ । तब सिन्टू व मैने कैलाश की सहमति से कैलाश के आधार कार्ड मे उसके पिता का नाम श्यामलाल के स्थान पर लालता के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवाया था ।
दि. 28.05.2022 को कैलाश व हसीना बेगम के मध्य एग्रीमेंट हुआ था कि कैलाश को चार लाख सत्तर हजार रूपये मिल गया है और शेष पांच लाख तीस हजार रूपये मिलने पर बैनामा होगा । यह इकरारनामा वकील अनिल कुमार मौर्य पुत्र लोकनाथ निवासी तिलौरी, थाना चकिया, जनपद चंदौली द्वारा कराया गया था । फिर दि. 03.08.2022 को उसी आधार कार्ड के आधार पर अनिल वकील ने 70 हजार रूपये लेकर हसीना बेगम व कैलाश का खुश्की बैनामा करवाये थे ।
साहब कैलाश ने मुझे केवल दस हजार रूपये ही दिया था । वकील साहब ने कैलाश की खतौनी को चेक नही करवाया था और हम लोगो ने भी हसीना बेगम व उसके पति को यह नही बताया था कि कैलाश पासवान (अनुसूचित जाति) का है ।










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