बंथरा थाने में तैनात रहे एक इंस्पेक्टर और चार दरोगा पर बुधवार को पीजीआई थाने में झूठे साक्ष्य गढ़ने, साजिश रचने व अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपी पुलिसकर्मियों ने पांच साल पहले एक कारोबारी समेत चार बेगुनाह लोगों को सरिया चोरी के फर्जी केस में गिरफ्तार किया था। कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपी जेल भेजे गए थे।
पांचों पुलिसकर्मियों के खिलाफ एंटी करप्शन में तैनात इंस्पेक्टर नुरुल हुदा खान ने एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि बंथरा थाने की पुलिस ने 31 दिसंबर 2020 को बंथरा कस्बा निवासी लोहा कारोबारी विकास गुप्ता और अंबेडकरनगर शिवपुरा निवासी डाला चालक दर्शन जाटव को पकड़ा था। दरोगा संतोष कुमार सिंह की तहरीर पर 18 पीस सरिया चोरी का मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में कोर्ट में पेशकर जेल भेजा गया था।
आरोपियों के बयान के आधार पर बंथरा के पहाड़पुर निवासी पूर्व बीडीसी सदस्य रंजना सिंह के पति लालता सिंह, उनके बेटे कौशलेंद्र सिंह, सतीश सिंह और शेखपुर के कल्लू गुप्ता को भी आरोपी बनाया गया था। 2022 में लालता और कल्लू को भी गिरफ्तार किया था। ये दोनों भी जेल गए थे। आरोपियों के बयान मनगढ़ंत रूप से दर्ज किए गए थे।
रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला









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