वाराणसी
अरब सागर की ओर से उठे हल्के बादलों का झोंका देर रात से सुबह तक पूर्वांचल से होकर गुजरा तो पारा भी न्यूनतम से एक डिग्री तक चढ़ गया। हालांकि इन बादलों में नमी नहीं थी और बादलों का झोंका गुरुवार को सुबह पूर्वांचल से होता हुआ उत्तर की ओर गुजर गया।इस दौरान पूर्वांचल में कुहासा सा छाया रहा और दिन चढ़ने तक मौसम का रुख थोड़ा बदली की ओर ही बना रहा। हालांकि सूरज की रोशनी का पर्याप्त असर सुबह नौ बजे के बाद ही नजर आया।
सोनभद्र और मीरजापुर सहित वाराणसी के आंचलिक क्षेत्रों में सुबह कोहरे की स्थिति बनी रही। कोहरा छंटने के बाद नौ बजे से आसमान साफ होने लगा और वातावरण में गुनगुना अहसास घुला तो लोगों ने भी धूप सेंकी और खुद को राहत देने की कोशिश की। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में तापमान एक बार फिर गिरेगा और न्यूनतम पारा सीजन में दस डिग्री से कम आकर गलन का अहसास कराएगा।
पहाड़ों पर भी भारी बर्फबारी में इस सप्ताह कमी आने से गलन का मैदानी इलाकों पर असर कम हुआ है। मौसम का यही रुख कायम रहा तो आने वाले दिनों में वातावरण में धीरे धीरे गलन हावी होगा और ठंडक का असर व्यापक रूप से पखवारे भर में नजर आने लगेगा। मौसम विभाग ने हालांकि किसी बड़े मौसमी बदलाव के संकेत नहीं दिए हैं।
बीते चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान 27.5°C दर्ज किया गया जो सामान्य था। न्यूनतम तापमान 11.5°C दर्ज किया गया जो सामान्य से 0.8 डिग्री कम रहा। इस लिहाज से बीते चौबीस घंटों में न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की अधिकता दर्ज की गई है। आर्द्रता इस दौरान न्यूनतम 56% और अधिकतम 77% दर्ज की गई। आगामी सप्ताह मौसम में कोई अधिक बदलाव की उम्मीद नहीं है। माना जा रहा है कि अधिकतम तापमान में कुछ कमी आ सकती है। इसकी वजह से गलन में इजाफा हो सकता है।











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