वाराणसी
नमो घाट पर भीड़ प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने और सुरक्षा को तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके तहत रियल टाइम विश्लेषण के लिए एआई संचालित फुटफॉल मॉनीटरिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है। इस तकनीकी समाधान को तैयार करने के लिए कमिश्नरेट पुलिस आईआईटी बीएचयू के टेक्नोकेट्स से सहयोग प्राप्त करेगी। योजना के अनुसार आवश्यकतानुसार नए पीटीजेड कैमरे, हाई-रेज्योल्यूशन सीसीटीवी और ड्रोन भी तैनात किए जाएंगे ताकि भीड़ और सुरक्षा की स्थिति का त्वरित आकलन किया जा सके।
कमिश्नरेट पुलिस नमो घाट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप, सुरक्षित और तकनीकी रूप से संचालित क्षेत्र बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। बुधवार को अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था मुख्यालय) शिवहरी मीणा ने नमो घाट पर सुरक्षा व्यवस्था, पैदल गश्त और तकनीकी उपकरणों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नमो घाट, दशाश्वमेध घाट और शहर के अन्य भीड़-घनत्व वाले इलाकों में नियमित ड्रोन पेट्रोलिंग की व्यवस्था की जाएगी। ड्रोन से प्राप्त फुटेज की लाइव मॉनीटरिंग के लिए बीट और पेट्रोलिंग स्टाफ को मोबाइल आधारित सर्विलांस सिस्टम का अनिवार्य रूप से उपयोग करना होगा।
उन्होंने निर्देश दिया कि जियो-टैग्ड पेट्रोलिंग के जरिए गश्त गतिविधियों को बेहतर ढंग से ट्रैक किया जाए तथा संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की रियल टाइम रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाए। इससे सुरक्षा तंत्र और अधिक चुस्त-दुरुस्त हो सकेगा। एसीपी ने घाट की परिधि, खुले क्षेत्रों और संवेदनशील पॉकेट्स की सुरक्षा स्थिति की विस्तृत जांच की। साथ ही क्षेत्र में मौजूद ठेले, खुमचे, छोटी दुकानों और अस्थायी स्टॉल संचालित करने वालों का सत्यापन किया गया, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते नियंत्रण पाया जा सके।









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