वाराणसी।
शिवपुर थाना क्षेत्र में जीएसटी अधिकारी के ससुराल में हुई करोड़ों रुपये के गहनों और नकदी की चर्चित चोरी के मामले में बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। मामले के आरोपी रोहित पाल को अदालत से जमानत मिल गई है। अपर सत्र न्यायाधीश (षष्ठम) आलोक कुमार की अदालत ने आरोपी को एक-एक लाख रुपये की दो जमानतें एवं बंधपत्र दाखिल करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता वरुण प्रताप सिंह ने प्रभावी पैरवी की।
1 जून को हुई थी हाई-प्रोफाइल चोरी
मामले के अनुसार, मूल रूप से बिहार के सासाराम निवासी विनोद कुमार का परिवार 1 जून को एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने बिहार गया हुआ था। इसी दौरान चोरों ने शिवपुर स्थित उनके मकान को निशाना बनाया और घर से करीब 1.90 लाख रुपये नकद, हीरे, सोने-चांदी के बहुमूल्य आभूषण लेकर फरार हो गए।
बताया गया कि चोरी हुए आभूषणों में मेरठ में तैनात जीएसटी अधिकारी दामाद के पुश्तैनी गहने भी शामिल थे। वारदात के बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से बदमाश घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर (DVR) भी अपने साथ ले गए थे।
मुठभेड़ के बाद हुई थी गिरफ्तारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए वाराणसी पुलिस ने कई टीमें गठित कर जांच शुरू की। 12 जून को एसओजी प्रभारी गौरव कुमार सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी में शामिल आरोपी गणेशपुर क्षेत्र में मौजूद हैं। पुलिस की घेराबंदी के दौरान हुई मुठभेड़ में विशाल के पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसका साथी रोहित पाल भागने का प्रयास करते हुए पकड़ा गया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपने अन्य साथियों यश सिंह, अमन और चीकू के नाम भी बताए थे, जिसके बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू की थी।
अब अदालत से मिली राहत
मामले में न्यायालय ने आरोपी रोहित पाल की जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए उसे निर्धारित शर्तों के साथ रिहा करने का आदेश दिया है। हालांकि, मामले की विवेचना और अन्य आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई जारी है।









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