खाद की किल्लत घटने का नाम नहीं ले रही है

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चंदौली

चंदौली जिले की सबसे बड़ी कोआपरेटिव सोसायटी में खाद के लिए मारामारी मची हुई है।अभी तक मात्र 700बोरी डीएपी यहां आई है। यूरिया का भी यही हाल है। शहाबगंज सोसायटी पर लगभग चालीस गांव के किसान निर्भर हैं।

किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने इस रवैये पर क्षोभ ब्यक्त किया है।
कम से कम छः हजार बोरी फिलहाल चाहिए थी जिसके सापेक्ष बहुत मामूली खाद आयी है।

किसान विकास मंच के संगठन मंत्री ने जिलाधिकारी और सहकारिता विभाग के एडीसीओ को अवगत कराया।

संगठन मंत्री ने कहा कि किसान आईडी आधार कार्ड खतौनी तमाम कागजात किसान जुटाते जुटाते थक रहा है लेकिन खाद का संकट पहले से भी बढता जा रहा है। अवांछनीय तत्वों ने नीजी निहित स्वार्थ में खाद के वितरण को बाधित कर दिया था

इसलिए कार्यकर्ताओं ने पुलिस बुलाकर सुचारू ढंग से खाद का बितरण सुनिश्चित कराया।खाद की उपलब्धता कम होने के कारण आधे से ज्यादा किसान मायूस होकर लौट गए।
किसान विकास मंच धान के रोपाई के वक्त पर डीएपी और यूरिया की किल्लत के कारण जिलाधिकारी कार्यालय पर दस्तक देगा।

इस वक्त रेयाज अंसारी,राम अवध सिंह, शिवाकांत उपाध्याय, चंद्रजीत यादव, ओमप्रकाश मौर्य, पंकज सिंह,कल्पनाथ प्रजापति, सुनील पटेल, इत्यादि।

 

रिपोर्ट – अलीम हाशमी

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