सुलतानपुर
जिले के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के करीबहार गांव में बीते रविवार को हुए चर्चित आजाद वर्मा हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मृतक की मृत्यु से पहले दिए गए बयान (डाईंग डिक्लेरेशन) और तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर पांच आरोपियों को जेल भेज दिया है। इस संवेदनशील मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव न फैले, इसके लिए पुलिस प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है।
पिता के बयान से बदला जांच का रुख
मामले में उस समय नया मोड़ आया जब मृतक आजाद वर्मा के पिता ने मीडिया को दिए बयान में एक बड़ा दावा किया। उन्होंने आशंका जताई है कि आजाद को घर से बुलाकर ले जाने वाला कोई और नहीं, बल्कि उनका कोई करीबी या रिश्तेदार ही है। हालांकि, पिता ने अभी तक किसी का नाम खुलकर सामने नहीं रखा है। इस बयान के बाद विवेचक अखंड देव मिश्रा ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, घटना वाले दिन आजाद एक काली स्कॉर्पियो गाड़ी से अपने साथियों के साथ निकला था। पुलिस ने इस इनपुट के आधार पर कई अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
आरोपी पक्ष ने आरोपों को नकारा, सीबीआई जांच की मांग
दूसरी तरफ, इस हत्याकांड में आरोपी बनाए गए पांडेय परिवार ने पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिवार की एक बेटी ने दावा किया है कि घटना के वक्त उसके पिता, चाचा और अन्य आरोपी गांव में नहीं, बल्कि शहर स्थित अपने घर पर मौजूद थे। उसने आरोप लगाया कि पुरानी रंजिश के कारण उसके परिवार को इस मामले में झूठा फंसाया जा रहा है। आरोपी पक्ष ने मामले की निष्पक्षता के लिए सीबीआई (CBI) जांच की मांग की है।
एसपी खुद रख रही हैं नजर
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) चारु निगम खुद पूरे घटनाक्रम की कमान संभाले हुए हैं। पुलिस हर छोटे-बड़े पहलू और बयानों की गहनता से पड़ताल कर रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस हत्याकांड का पूरा सच सबके सामने आ जाए










Users Today : 35
Users This Year : 18885
Total Users : 31478
Views Today : 83
Total views : 62578