चन्दौली पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर, मुगलसराय
बरसात के मौसम में सांप काटने की घटनाओं में बढ़ोतरी के बीच राजकीय महिला चिकित्सालय, महावन (मथुरा) के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. एस.के. चतुर्वेदी ने लोगों से जागरूक रहने और अंधविश्वास से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सांप काटने के बाद शुरुआती एक घंटा, जिसे चिकित्सा भाषा में ‘गोल्डन ऑवर’ कहा जाता है, मरीज की जान बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है।
डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि हाल ही में मोबिन मोहम्मद खान (लगभग 30 वर्ष) नामक युवक को जहरीले सांप के काटने के बाद गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था। अस्पताल पहुंचने तक मरीज में न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखाई देने लगे थे। उसकी पलकों का झुकना, आवाज का लड़खड़ाना और शरीर में कमजोरी जैसे संकेत स्पष्ट रूप से नजर आ रहे थे।
उन्होंने बताया कि अस्पताल की चिकित्सकीय टीम ने बिना समय गंवाए मरीज को एंटी-स्नेक वेनम (ASV) इंजेक्शन लगाए, ऑक्सीजन सपोर्ट दिया और आवश्यक चिकित्सकीय निगरानी में रखा। समय पर मिले उपचार की बदौलत मरीज की जान बच गई और अब वह पूरी तरह स्वस्थ है।
CMS ने कहा कि आज भी कई लोग सांप काटने के बाद अस्पताल जाने के बजाय झाड़-फूंक, ओझा-तांत्रिक और अन्य अंधविश्वासों का सहारा लेते हैं। इससे बहुमूल्य समय नष्ट हो जाता है और मरीज की हालत गंभीर हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सांप काटने की स्थिति में किसी भी प्रकार के अंधविश्वास में न पड़ें और तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचें।
डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि निजी अस्पतालों में सांप के जहर का इलाज काफी महंगा साबित हो सकता है। एंटी-स्नेक वेनम की एक वायल की कीमत लगभग 4 से 5 हजार रुपये होती है और कई मामलों में मरीज को 15 से 20, जबकि गंभीर स्थिति में 30 वायल तक की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में इलाज का खर्च आम और गरीब परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।
उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में सांप काटने के मरीजों को एंटी-स्नेक वेनम, दवाइयां, ऑक्सीजन सपोर्ट और अन्य आवश्यक उपचार पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सांप काटने की किसी भी घटना को हल्के में न लें, घबराएं नहीं और तुरंत चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करें। समय पर इलाज ही मरीज की जान बचाने की सबसे बड़ी कुंजी है।









Users Today : 5
Users This Year : 24234
Total Users : 36827
Views Today : 6
Total views : 72380