उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम की नौ उत्पादन इकाइयां ठप हो गई हैं। चार दिन बिजली उत्पादन 7106 मेगावाट से घटकर 3733 मेगावाट हो गया है। यानी 3373 मेगावाट उत्पादन कम हुआ है। उत्पादन इकाइयों के ठप होने की वजह आंधी बारिश के बीच प्लांट और ट्रांसमिशन में आई तकनीकी खामी बताया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम की छह स्थानों पर 25 उत्पादन इकाइयां हैं। इनकी क्षमता करीब 13 हजार मेगावाट से अधिक है। प्रदेश सरकार की ओर से उत्पादन इकाइयों की क्षमता वृद्धि के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। इस बीच तीन दिन में नौ इकाइयां बंद हो गई हैं। इन इकाइयों के बंद होने की वजह अलग- अलग है। आंधी और बारिश से कहीं प्लांट में खामी आई है तो कहीं ट्रांसमिशिन में गड़बडी हुई है। इसे ठीक करने में टीम जुटी हुई है। इकाइयों के ठप होने से 25 मई को जहां निगम से उत्पादन 7106 मेगावाट था, वह शुक्रवार को घटकर सिर्फ 3733 मेगावाट रह गया हालांकि बारिश होने से बिजली की मांग कम हुई है। अन्यथा उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता।
ये इकाइयां हैं बंद
अनपरा यूनिट दो, घाटमपुर यूनिट दो, हरदुआगंज यूनिट सात, जवाहपुर यूनिट दो, ओबरा यूनिट नौ, पारीक्षा यूनिट तीन, चार, पांच और छह हैं।
इस तरह घटना उत्पादन
25 मई 7106 मेगावाट26 मई 6224 मेगावाट27 मई 6125 मेगावाट28 मई 5440 मेगावाट29 मई 3733 मेगावाट(यूपीएसएलडीसी की रिपोर्ट के अनुसार)
बिजली की घटी मांग
24 मई 31825 मेगावाट25 मई 30853 मेगावाट26 मई 28125 मेगावाट27 मई 30337 मेगावाट28 मई 30607 मेगावाट29 मई 29010 मेगावाट (शाम तक)
क्या कहते हैं जिम्मेदार
बुंदेलखंड में आई आंधी- बारिश से इकाइयों में उत्पादन प्रभावित हुआ है। टीम लगी हुई है। उम्मीद है कि एक- दो दिन में सभी इकाइयां पूरी क्षमता से उत्पादन करने लगेंगी।- मयूर महेश्वरी प्रबंध निदेशक, राज्य विद्युत उत्पादन निगम।











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