पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के सख्त दिशा-निर्देशन में वाराणसी पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में है। इसी कड़ी में 2022 बैच के युवा पीसीएस अधिकारी ACP चेतगंज शुभम सिंह ने चार्ज लेते ही अपनी कार्यशैली से मिसाल पेश कर दी है। पहली पोस्टिंग में ही उनके कड़े तेवर और जनता के प्रति संवेदनशील रवैये की चारों तरफ सराहना हो रही है।
चार्ज लेते ही क्राइम कंट्रोल पर फोकस
ACP शुभम सिंह ने साफ कर दिया है कि उनके सर्किल में अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। सिगरा, चेतगंज और जैतपुरा थानों के प्रभारियों को दो टूक कहा गया है- “जनता सेवा सर्वोपरि है, थाने से किसी फरियादी की शिकायत मेरे पास नहीं आनी चाहिए।”अगर आती है तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा गंभीर अपराधों में तत्काल FIR के निर्देश देकर उन्होंने पीड़ितों को थाने से लेकर अफसरों के दफ्तर तक के चक्कर काटने की पुरानी व्यवस्था धीरे-धीरे खत्म हो रही है
फील्ड में खुद एक्टिव, हर दूसरे दिन समीक्षा होती है वार
ACP शुभम सिंह सिर्फ आदेश देने तक सीमित नहीं हैं। लंबित विवेचनाओं की हर दूसरे दिन खुद समीक्षा कर रहे हैं और सभी चौकी इंचार्ज की कार्यप्रणाली पर पैनी नजर रखे हुए हैं। उनकी सक्रियता का ही नतीजा है कि थानों में अब फरियादियों के लिए बैठने की जगह, ठंडा पानी और सम्मान के साथ सुनवाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

जाम-अतिक्रमण पर जीरो टॉलरेंस
रथयात्रा से लेकर पांडेयपुर, चौकाघाट, रोडवेज और तेलियाबाग तक, जाम की समस्या को जड़ से खत्म करने का बीड़ा ACP शुभम सिंह ने उठाया है। सभी चौकी प्रभारियों को निर्देश हैं कि अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कमिश्नर मोहित अग्रवाल के विजन को जमीन पर उतारते हुए ACP शुभम सिंह ने दिखा दिया कि इच्छाशक्ति हो तो ट्रैफिक व्यवस्था भी चंद दिनों में सुधर सकती है।
जनता से सीधा जुड़ाव बना मिसाल
मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले ACP शुभम सिंह ने जनता के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं। रोज सुबह 10 से 2 बजे तक ACP कार्यालय में खुद फरियादियों से मिलकर उनकी समस्या सुन रहे हैं। उनका मानना है कि वर्दी का पहला फर्ज जनता का भरोसा जीतना है। उनकी इस पहल से थानों पर बेवजह की भीड़ कम हुई है और लोगों का पुलिस पर विश्वास बढ़ा है।
कमिश्नर के नेतृत्व में बदली तस्वीर
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस जिस तेजी से प्रो-एक्टिव हुई है, ACP शुभम सिंह उसकी सबसे ताजा मिसाल हैं। युवा अफसर की ऊर्जा, अनुशासन और आम आदमी के लिए संवेदना ने साबित कर दिया है कि सही नीयत से काम हो तो 24 घंटे में भी सिस्टम की तस्वीर बदल सकती है। और काफी सुधार हुआ है
पहले की तुलना
शासन की मंशा “क्राइम फ्री बनारस.को धरातल पर उतारने के लिए ACP शुभम सिंह का यह एक्शन प्लान पूरे कमिश्नरेट के लिए नजीर बन रहा है। अपराधियों में खौफ और आम जनता में भरोसा- यही वाराणसी पुलिस की नई पहचान बन रही है। एसीपी ने बताया कुछ फरियादी थानेदार से नहीं मिलते हैं डायरेक्ट कमिश्नर साहब के पास पहुंच जाते हैं
जो ठीक नहीं है पहले पुलिस थाने जाकर लिखित तहरीर देकर अपनी समस्याओं से इंस्पेक्टर को अवगत करना चाहिए नहीं सुनवाई होती है मेरे पास मॉर्निंग 10 से 2 4 घंटे में रहता हूं











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