वाराणसी
हरिश्चंद्र घाट पर सामाजिक,आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक संस्था अघोर पीठ हरिश्चंद्र घाट काशी द्वारा काशी की परंपरागत चैत्र नवरात्र के दशमी के पावन पर्व पर हरिश्चंद्र घाट पर आयोजित माँ भद्र काली की प्रत्यक्ष शक्ति पूजन, 1100 कन्याओं व महिलाओं का मातृ पूजन एवं अखंड भंडारे का आयोजन किया गया। उसके बाद प्रख्यात भजन कलाकारों ने अपनी भक्तिमय भजनों उपस्थित लोगों को आनंदित किया। वर्षारंभ के अवसर पर दस महाविद्याओं का दस दिवसीय अनुष्ठान विश्व में आई हुई विभीषिका की शांति के लिए एवं युद्ध की देवी आदि शक्ति उग्र माँ काली के मृणमयी प्रतिमा की स्थापना व प्राण प्रतिष्ठा की गई।
इसके बाद महिलाओं द्वारा माँ त्रिपुर भैरवी का सहस्त्रार्चन किया गया। इस अवसर पर अघोर पीठ के पीठाधीश्वर अवधूत उग्र चंडेश्वर “कपाली बाबा” एवं 11 वैदिक विद्वानों द्वारा पूरे विधि विधान पूर्वक संपन्न किया गया। इसके बाद अघोर परम्परा अनुसार लगभग 1100 कन्याओं व महिलाओं का पूजन कर उन्हें श्रृंगार सामग्रियों से सम्मानित किया गया।
जो काशी की धार्मिक परंपराओं में एक विशेष स्थान रखती है।कपाली बाबा ने कहा कि यह एक पवित्र आयोजन है। अघोर पीठ द्वारा एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है कि प्रत्येक वर्ष आर्थिक रूप से कमजोर 6 बच्चों का निःशुल्क शिक्षा प्रदान कराई जाएगी। अंत में कपाली बाबा ने सभी भक्तगणों को सुचारू व्यवस्था व दायित्व निर्वहन के लिए सभी का आभार प्रकट किया तथा श्रद्धालुओं को अपना आशीर्वाद प्रदान किया।











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