मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी एवं निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश, गृह मंत्रालय, भारत सरकार व मण्डलायुक्त ने देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना- 2027 की तैयारियों के सम्बंध में बैठक कर की समीक्षा

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मीरजापुर   मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी एवं निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश, गृह मंत्रालय, भारत सरकार  शीतल वर्मा ने मण्डलायुक्त विन्ध्याचल मण्डल राजेश प्रकाश के साथ आयुक्त कार्यालय सभागार में देश की पहलीपूर्णतः डिजिटल जनगणना-2027 की तैयारियाँ प्रारम्भ हो चुकी हैं, जिसके लिए केंद्र, राज्य, जिला एवं तहसील स्तर पर व्यापक तैयारियाँ की जा रही हैं। जनगणना-2027 देश की 16वीं जनगणना तथा स्वतंत्रता के बाद की आठवीं जनगणना होगी, जो गांव, शहर एवं वार्ड स्तर पर प्राथमिक आंकड़ों का सबसे बड़ा एवं सबसे विश्वसनीय स्रोत मानी जाती है के सम्बंध में बैठक आहूत की गई।

बैठक में जिलाधिकारी मीरजापुर पवन कुमार गंगवार, सोनभद्र बी0एन0 सिंह, भदोही शैलेश कुमार, मुख्य विकास अधिकारी मीरजापुर विशाल कुमार, सोनभद्र जागृति अवस्थी, भदोही बाल गोविन्द शुक्ला, अपर आयुक्त प्रशासन राम कुमार द्विवेदी, संयुक्त विकास आयुक्त रमेश चन्द्र उपस्थित रहें।

बैठक में मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी एवं निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश, गृह मंत्रालय, भारत सरकार ने बताया कि जनगणना दो चरणों में संपन्न कराई जाएगी। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य पूरे उत्तर प्रदेश राज्य में एक साथ 22 मई 2026 से 20 जून 2026 तक कराया जाएगा, जबकि द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना कराई जाएगी। जनसंख्या गणना पूरे देश में फरवरी 2027 में संपन्न होगी। जनगणना-2027 का संचालन डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। पहली बार नागरिकों को स्व-गणना (Self& Enumeration) का विकल्प प्रदान किया गया है।

इसके अंतर्गत, राज्य में जनगणना के क्षेत्रीय कार्य आरंभ होने से 15 दिन पूर्व, अर्थात् 7 से 21 मई 2026 तक, सभी नागरिक सेल्फ एन्युमरेशन पोर्टल एवं मोबाइल ऐप के माध्यम से आनलाइन प्रश्नावली भरकर अपनी जनगणना स्वयं करने हेतु उपलब्ध विकल्प का उपयोग कर सकते हैं। सम्पूर्ण कवरेज सुनिश्चित करने के लिए जनगणना-2027 में सभी नगर निकायों एवं ग्रामों के जीआईएस-आधारित मानचित्रों तथा गणना ब्लाक तैयार करने हेतु डिजिटल ऐप्स का उपयोग किया जाएगा।

बैठक में निदेशक जनगणना कार्य, उत्तर प्रदेश द्वारा जनगणना की प्रक्रिया, समय-सीमा एवं जनगणना-2027 की कार्ययोजना परविस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। बैठक में जनगणना-2027 के सफल एवं कुशल संचालन हेतु व्यापक चर्चा की गई तथा जनगणना से संबंधित विभिन्न विषयों, कार्ययोजना एवं कार्य रोडमैप विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। शीतल वर्मा ने कहा कि जनगणना के माध्यम से सामाजिक, आर्थिक एवं आवासीय स्थितिसे संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी, जो भविष्य की विकास योजनाओं एवं नीति निर्माणका आधार बनेगी। उन्होंने बताया कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश की आधारभूत संरचना के विकासके लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे।

मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के दौरान प्रगणक द्वारा भवन के उपयोग, निर्माण में प्रयुक्त सामग्री, कमरों की संख्या, स्वामित्व की स्थिति, शौचालय की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्रोत, खाना पकाने में प्रयुक्त ईंधन के प्रकार, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता, परिवार द्वारा उपभोग किए जाने वाले मुख्य अनाज तथा फोन, वाहन, टेलीविजन एवं इंटरनेट सुविधा जैसी परिसंपत्तियों से संबंधित कुल 33 प्रकार की सूचनाओं के विषय में आँकड़ों का संग्रह किया जाएगा.  यह समस्त जानकारी डिजिटल माध्यमों से संकलित की जाएगी। परिवार द्वारा जनगणना के दौरान प्रदान की गई सभी सूचनाएँ पूर्णतः गोपनीय रहेंगी।

जनगणना कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को 15 फरवरी से चरणबद्ध प्रशिक्षण प्रदान किए जाने का कार्य प्रारम्भ किया जा रहा है। जनगणना कार्य के लिए मिर्जापुर जनपद में लगभग 06 हजार, सोनभद्र में 05 हजार, तथा भदोही में लगभग 04 हजार कार्मिकों की जनगणना ड्यूटी लगाए जाने का अनुमान है।मंडलायुक्त, विंध्याचल मण्डल राजेश प्रकाश ने प्रशिक्षण की महत्ता को रेखांकित करते हुए प्रभावी प्रशिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा उपयुक्त प्रशिक्षकों के चयनपर विशेष ध्यान देने के निर्देश सभी जिलाधिकारियों को दिया। बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जनगणना कार्य को समयबद्ध, पारदर्शी एवं त्रुटि रहितढंग से संपन्न कराने हेतु अभी से सभी आवश्यक तैयारियाँ पूर्ण कर ली जाएँ।

जनगणनादृ2027 देश की पहलीपूर्णतः डिजिटलजनगणना होगी, जनगणना के आँकड़े भविष्य की विकास योजनाओं एवं नीति निर्माण का आधार बनेंगे, जनगणना से प्राप्त आँकड़े देश की आधारभूत संरचना के विकास हेतु अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे, प्रथम चरणमें मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्यपूरे उत्तर प्रदेश राज्य में एक साथ 22 मई से 20 जून तककराया जाएगा, पहली बार नागरिकों को स्व-गणना (Self& Enumeration) का विकल्प प्रदान किया गया है, भवनों के उपयोग, निर्माण में प्रयुक्त सामग्री, शौचालय की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्रोत, खाना पकाने में प्रयुक्त ईंधन के प्रकार, परिवार द्वारा उपभोग किए जाने वाले मुख्य अनाज तथाटेलीविजन एवं इंटरनेट सुविधा जैसी परिसंपत्तियों से संबंधित कुल 33 प्रकार की सूचनाओं के विषय में आँकड़ों का संग्रह किया जाएगा।

बैठक का समन्वय डाॅ0 एस. एस शर्मा, संयुक्त निदेशक (जनगणना), भारत सरकार द्वारा किया गया। बैठक में नगर मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी अभिषेक श्रीवास्तव, उप निदेशक पंचायत, डिप्टी कलेक्टर संजीव यादव सहित अन्य सम्बन्धित मण्डलीय व जनपदीय अधिकारी उपस्थित रहें।

 

 

रिपोर्ट – भोलानाथ यादव

 

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