मीरजापुर
बुुढेनाथ मंदिर से निकलने वाली पालकी यात्रा इस प्रकार प्रशासनिक उपेक्षा के चलते मंदिर के महराज डा. योगानन्द गिरि महाराज नाराज दिखे। पालकी यात्रा 15 फरवरी को होना सुनिश्चित है किन्तु प्रशासन को लगभग 3 सप्ताह पूर्व ही सूचना जिलाधिकारी के माध्यम से भेज दी गई थी।
पालकी यात्रा के निकलने के पूर्व पूरा जिला प्रशासन बूढ़े नाथ मंदिर में उपस्थित होता था और भगवान शिव का रूद्राभिषेक भी करता था- लेकिन पता नहीं ऐसा क्यों नहीं हुआ।
पालकी यात्रा के लिए शासन से भी पत्र आता है लेकिन प्रशासन इस बार सड़कों की मरम्मत नहीं करा रहा है, जबकि पहले प्रशासनिक अमला पालकी यात्रा निकलने वाले सभी मार्गों पर भ्रमण कर के सड़कों का निर्माण करवाता था और बिजली के लटके हुए जर्जर तारों में भी सुधार करता था।
डा.योगानंद गिरि ने कहा कि इस सनातन यात्रा को निकलने के पूर्व सड़कों को नहीं सुधारा जाएगा तो सनातन कर्फ्यू 13 फरवरी को जनता स्वंय लगा देगी जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
बूढेनाथ भगवान एवं माता गौरी की पालकी यात्रा 15 फरवरी 2026, रविवार, दोपहर 12 बजे बूढ़ेनाथ मन्दिर से प्रारम्भ होकर पक्काघाट जलाभिषे तत्पश्चात धुन्धीकटरा, गुरहट्टी, मुकेरीबाजार लालडिग्गी, इमामबाड़ा, बल्ली का अड्डा, मुसफ्फर टेढ़ीनीम होते हुए बूढ़ेनाथ मन्दिर पर पुनरागमन ।








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