दिनांक 15.12.2025 को थाना जंसा क्षेत्रांतर्गत ग्राम सिहोरवा निवासी राज सिंह पाल उर्फ राजपाल, पुत्र स्वर्गीय आनंद कुमार पाल, जो कुरौना बाजार में सब्जी की दुकान चलाता है, रहस्यमय ढंग से अचानक गायब हो गया था। परिजनों द्वारा काफी तलाश किए जाने के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल सका। गुमशुदा की टीवीएस मोपेड बाइक सरौना अंडरपास, सजोई के पास से बरामद हुई थी।
गुमशुदा के भाई बबलू पाल की तहरीर पर थाना जंसा पुलिस द्वारा गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही थी।
पुलिस उपायुक्त गोमती ज़ोन आकाश पटेल द्वारा प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए तत्काल संज्ञान लिया गया तथा सहायक पुलिस आयुक्त, राजातालाब के नेतृत्व में एक पुलिस टीम गठित कर प्रभारी निरीक्षक, जंसा को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रकरण की पुलिस उपायुक्त गोमती ज़ोन द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही थी।
गठित पुलिस टीम द्वारा सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन, आसपास के लोगों से पूछताछ एवं सर्विलांस की सहायता से लगातार तलाश की जा रही थी। पुलिस द्वारा की गई जांच-पड़ताल में यह तथ्य प्रकाश में आया कि राज सिंह पाल द्वारा पूर्व में विभिन्न व्यक्तियों से आर्थिक लेन-देन के अंतर्गत धनराशि ली गई थी तथा उसके प्रेम-प्रसंग से संबंधित तथ्य भी सामने आए थे। उक्त तथ्यों के दृष्टिगत पुलिस टीम द्वारा आर्थिक एवं व्यक्तिगत कारणों के दृष्टिकोण से प्रकरण की जांच की जा रही थी।
इसी क्रम में दिनांक 19.12.2025 को सर्विलांस के माध्यम से गुमशुदा राज सिंह पाल की लोकेशन उज्जैन (मध्य प्रदेश) प्राप्त होने पर उज्जैन पुलिस के सहयोग से उसे सकुशल बरामद कर लिया गया, जिसे थाना जंसा पुलिस टीम द्वारा थाना जंसा लाकर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।
पूछताछ के दौरान गुमशुदा राज सिंह पाल द्वारा बताया गया कि लगभग दो वर्षों से ऑनलाइन एप्लीकेशन में धनराशि निवेश करने के कारण उसे लगभग 8 से 9 लाख रुपये का नुकसान हो गया था। इस कारण उसने कई लोगों से धनराशि उधार ले रखी थी। उसके भाई एवं कर्ज देने वाले लोग उससे धनराशि की मांग करने लगे, जिससे वह अत्यधिक मानसिक दबाव में रहने लगा।
इसी भयवश राज सिंह पाल ने एक योजना बनाकर उन लोगों से बचने के उद्देश्य से अपने घर पर किसी को बिना बताए दुकान से लौटते समय अपनी मोटरसाइकिल रास्ते में फेंक कर उज्जैन चला गया।
उसने यह भी बताया कि संपर्क से बचने के लिए उसने अपने मोबाइल फोन से सिम कार्ड निकालकर फेंक दिया, ताकि कोई उससे संपर्क न कर सके। इसके पश्चात उसने चौखंडी से ट्रेन पकड़कर मड़ुवाडीह गया, जहाँ से लखनऊ चला गया। वहाँ से नया सिम कार्ड खरीदकर अपने मोबाइल में लगाया, तत्पश्चात वहाँ से उज्जैन चला गया, जहाँ से उसे पुलिस द्वारा बरामद कर लिया गया।
रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला










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