चंदौली चकिया सावित्री बाई फुले राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत “महिला सशक्तिकरण” विषय पर डॉ रोहित कुमार यादव के कुशल निर्देशन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्तव्य में राजनीति विज्ञान विभाग की वरिष्ठ सहायक प्रोफेसर डॉ. प्रियंका पटेल ने ‘सिमोन द बुआ तथा भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर’ जी के विचारों का संदर्भ लेते हुए महिलाओं की सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति पर गहन विवेचन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि “यदि समाज को प्रगति के पथ पर ले जाना है तो महिलाओं को समान अधिकार और अवसर देना अनिवार्य है। नारी के बिना राष्ट्र का उत्थान अधूरा है।” उनके विचारों ने श्रोताओं को इतिहास से लेकर वर्तमान तक महिलाओं की भूमिका और चुनौतियों पर सोचने को प्रेरित किया।
इसके पश्चात् हिन्दी विभाग के वरिष्ठ सहायक प्रोफेसर डॉ. रमाकांत गौड़ ने जयशंकर प्रसाद के नाटकों से सशक्त उद्धरण प्रस्तुत कर महिला सशक्तिकरण की संवेदनशील व्याख्या की। उन्होंने साहित्य के माध्यम से यह संदेश दिया कि नारी केवल गृहिणी या अनुयायी नहीं, बल्कि वह समाज की आधारशिला, प्रेरणा और संघर्ष की प्रतीक है। उनकी प्रस्तुति ने छात्राओं को गहराई से प्रभावित किया और यह अहसास कराया कि साहित्य में नारी का स्वर सदैव परिवर्तन और जागरण का स्वर रहा है।
इस कार्यक्रम का संचालन हिन्दी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. रोहित यादव ने कुशलतापूर्वक सम्पन्न किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण — डॉ. सरवन कुमार यादव, डॉ. शमशेर बहादुर सिंह, डॉ. संतोष कुमार, श्री पवन कुमार सिंह सहित अन्य शिक्षकगण, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं ने यह संकल्प लिया कि समाज में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, उनकी शिक्षा और स्वावलंबन के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहेंगे।
रिपोर्ट - अलीम हाशमी










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