चन्दौली इलिया
29 जुलाई 2026। प्रत्येक वर्ष 30 जुलाई को पूरे विश्व में विश्व मानव व्यापार विरोध दिवस (World Day Against Trafficking in Persons) मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य मानव व्यापार जैसे गंभीर संगठित अपराध के प्रति समाज को जागरूक करना, पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा करना तथा मानव व्यापार की रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना है।
वर्ष 2026 की वैश्विक थीम “Trapped Behind the Scam” है। यह थीम इस बात पर केंद्रित है कि वर्तमान समय में मानव तस्कर फर्जी नौकरी, शिक्षा, मॉडलिंग, विदेश भेजने, विवाह, सोशल मीडिया तथा विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों, विशेषकर बच्चों एवं किशोरियों को धोखे से अपने जाल में फँसाते हैं। इस थीम का उद्देश्य लोगों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार के छल एवं मानव तस्करी के खतरों के प्रति सतर्क करना है।
इसी क्रम में दिनांक 29 जुलाई 2026 को मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान द्वारा संचालित कवच परियोजना के अंतर्गत शिक्षा विभाग के सहयोग से कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय बयापुर शहाबगंज में छात्राओं के साथ जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में इस वर्ष की वैश्विक थीम “Trapped Behind the Scam” पर विशेष चर्चा की गई।
SSI प्रभुनाथ यादव द्वारा छात्राओं को बताया गया कि वर्तमान समय में मानव तस्कर सोशल मीडिया, फर्जी नौकरी, शिक्षा, विवाह तथा अन्य आकर्षक प्रलोभनों के माध्यम से बच्चों एवं किशोरियों को अपने जाल में फँसाने का प्रयास करते हैं। उन्हें ऑनलाइन सुरक्षा, साइबर धोखाधड़ी से बचाव, अजनबियों पर विश्वास न करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल अपने अभिभावकों, शिक्षकों, पुलिस, साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर देने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में महिला कास्टेबल अपूर्वा श्रीवास्तव द्वारा छात्राओं को मानव तस्करी, साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी, बाल सुरक्षा तथा विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि किसी भी प्रकार के प्रलोभन, संदिग्ध कॉल, संदेश या सोशल मीडिया के माध्यम से मिलने वाले झूठे प्रस्तावों पर विश्वास न करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा पुलिस को दे
जागरूकता सत्र के दौरान छात्राओं को “बढ़ते बच्चे” फिल्म का प्रदर्शन भी कराया गया। फिल्म के माध्यम से बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श, बाल विवाह, पॉक्सो (POCSO) अधिनियम, 2012, तथा जोखिमपूर्ण परिस्थितियों की पहचान एवं उनसे बचाव के उपाय सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाए गए। फिल्म प्रदर्शन के उपरांत आयोजित संवाद सत्र में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा बच्चों के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के शोषण एवं हिंसा की रोकथाम में अपनी भूमिका को समझा।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में सतर्कता, आत्मविश्वास एवं सुरक्षित निर्णय लेने की क्षमता का विकास करना तथा उन्हें मानव तस्करी, साइबर अपराध एवं ऑनलाइन ठगी जैसे गंभीर अपराधों के प्रति जागरूक बनाना था।
अंत में सभी छात्राओं ने मानव व्यापार के विरुद्ध जन-जागरूकता फैलाने तथा स्वयं एवं अपने साथियों की सुरक्षा के प्रति सदैव सजग रहने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर महिला कांस्टेबल अपूर्वा श्रीवास्तव,सुरेश,कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की वार्डेन सुनीता पाण्डेय, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएँ तथा मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान से प्रीति शर्मा उपस्थित रहीं।










Users Today : 43
Users This Year : 23654
Total Users : 36247
Views Today : 101
Total views : 71204