जौनपुर
जौनपुर पुलिस ने फर्जी मल्टी लेवल मार्केटिंग (MLM) और पिरामिड चेन नेटवर्क के नाम पर बेरोजगार युवाओं से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके सरगना समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान नौकरी की तलाश में आए करीब 30 युवक-युवतियों को सकुशल मुक्त कराया, जिन्हें कथित ट्रेनिंग के नाम पर कंपनी में रोका गया था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह के निर्देशन एवं सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर गोल्डी गुप्ता के पर्यवेक्षण में थाना लाइन बाजार पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की।

₹25 हजार की नौकरी का झांसा, फिर ₹35 हजार की ठगी
पुलिस जांच में सामने आया कि MS EARTH इंटरप्राइजेज और Royal Health Wellness Private Limited के नाम पर फर्जी MLM नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों के बेरोजगार युवाओं को फोन कर वाराणसी बुलाया जाता था। उन्हें ₹25,000 प्रतिमाह नौकरी का लालच देकर इंटरव्यू कराया जाता और फिर ₹30,000 से ₹35,000 तक ज्वाइनिंग व रजिस्ट्रेशन फीस वसूली जाती थी।
इसके बदले सिर्फ ₹1,000 से ₹2,000 कीमत की सामान्य किट (कपड़े, तेल, साबुन आदि) थमा दी जाती थी। इसके बाद ट्रेनिंग के नाम पर युवाओं का ब्रेनवॉश कर प्रत्येक सदस्य को तीन नए लोगों को जोड़ने का दबाव बनाया जाता था। ऐसा न करने पर वेतन रोकने और जमा धन वापस न करने की धमकी दी जाती थी।
राहुल राजभर के खाते में ₹34 करोड़ का लेन-देन
जांच के दौरान पुलिस को गिरोह के मुख्य संचालक राहुल राजभर के यूनियन बैंक खाते में लगभग ₹34 करोड़ के लेन-देन के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क की वित्तीय जांच में जुटी है।

गिरफ्तार आरोपी
* राहुल राजभर पुत्र शिवशंकर राजभर, जनपद वाराणसी (मुख्य सरगना)
* संतोष कुमार पटेल पुत्र अच्छेलाल, जनपद बांदा
* हवलदार पाल पुत्र स्व. खुशीहाल पाल, जनपद सुल्तानपुर
* प्रदीप पाल पुत्र सुकरन पाल, जनपद सुल्तानपुर
* चन्दन दोहरे पुत्र बादशाह दोहरे, जनपद कन्नौज
* तिरोस राजभर पुत्र भोखन प्रसाद, जनपद जौनपुर
* अरविन्द राजभर पुत्र रामआशीष, जनपद वाराणसी
बरामदगी
* 11 मोबाइल फोन
* 01 थार लग्जरी वाहन
* 01 बुलेट मोटरसाइकिल
* 01 पल्सर मोटरसाइकिल
* ₹600 नकद
* MS EARTH इंटरप्राइजेज से जुड़े कई महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट दस्तावेज
दर्ज मुकदमा
थाना लाइन बाजार में मु0अ0सं0 280/2026 के तहत धारा 318(4), 140(2), 308(5), 351(3), 3(5) BNS में अभियोग पंजीकृत कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के नेटवर्क, बैंक खातों और अन्य सहयोगियों की भी गहन जांच की जा रही है तथा ठगी से जुड़े पूरे रैकेट का खुलासा करने के लिए जांच जारी है।










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