वाराणसी, 09 जुलाई।
राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के स्थापना दिवस के अवसर पर अभाविप काशी हिन्दू विश्वविद्यालय इकाई द्वारा गुरुवार को के. एन. उडुपा सभागार में ‘वसुंधरा’ सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीयता एवं युवा चेतना पर आधारित विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. गुरुदेव प्रसाद सिंह ने कहा कि विद्यार्थी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं। यदि युवाओं में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक संवेदनशीलता और सेवा का भाव विकसित हो जाए तो भारत को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का आह्वान किया।
बतौर विशिष्ट अतिथि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि छात्रशक्ति के सामर्थ्य, संगठन और राष्ट्र के प्रति उसके संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अभाविप अपने स्थापना काल से ही छात्रहित, शैक्षणिक गुणवत्ता, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आज का विद्यार्थी ही विकसित भारत के निर्माण का आधार बनेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के आयुर्वेद संकाय के संकाय प्रमुख प्रो. प्रदीप कुमार गोस्वामी ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्रवान, संस्कारित और उत्तरदायी नागरिकों का निर्माण करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक मूल्यों एवं मानवीय संवेदनाओं को अपने जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद काशी हिन्दू विश्वविद्यालय इकाई के इकाई अध्यक्ष पल्लव सुमन ने कहा कि राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस युवाओं को स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि अभाविप निरंतर छात्रहित, सामाजिक समरसता एवं राष्ट्र पुनर्निर्माण के संकल्प के साथ कार्य कर रही है और विद्यार्थियों की सकारात्मक ऊर्जा को राष्ट्र के विकास से जोड़ने का कार्य कर रही है।
संगोष्ठी में वक्ताओं ने राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण, सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरण संरक्षण तथा भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत संगीत, नृत्य, लोक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति की विविधता और समृद्ध परंपरा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों को उपस्थित शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने सराहा।
कार्यक्रम के अंत में अभाविप काशी हिन्दू विश्वविद्यालय इकाई के इकाई मंत्री अनुराग तिवारी ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, प्रतिभागियों एवं उपस्थित विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, शोधार्थी, छात्र-छात्राएँ एवं अभाविप के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।










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