वाराणसी विश्व प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक, पद्म विभूषण से अलंकृत पं. छन्नूलाल मिश्रा के निधन से पूरे संगीत जगत और काशी में शोक की गहरी छाया व्याप्त हो गई है। बनारस की संगीत परंपरा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले पं. मिश्रा जी को अंतिम विदाई देने पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल भी पहुंचे। उन्होंने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।
पुलिस आयुक्त ने भावुक शब्दों में कहा—
“पं. छन्नूलाल मिश्रा जी ने अपने गायन से शास्त्रीय संगीत की अनूठी छाप विश्वभर में छोड़ी। वह वाराणसी की संस्कृति के प्रतीक और भारतीय संगीत की धरोहर थे। उनके निधन से संगीत जगत ने एक ऐसे व्यक्तित्व को खो दिया है, जिसकी भरपाई असंभव है। उनकी साधना और योगदान भावी पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा प्रदान करेंगे।”
संगीत साधना को समर्पित रहा जीवन
पं. मिश्रा जी ने अपनी अमृतमयी आवाज़ और अद्वितीय प्रस्तुति से ठुमरी, दादरा, भजन और शास्त्रीय गायन के अनेक आयामों को नई ऊँचाई दी। उनके गायन ने न केवल काशी बल्कि पूरे देश-विदेश में शास्त्रीय संगीत की विरासत को जीवंत बनाए रखा। गंगा-जमुनी तहज़ीब और बनारस की परंपरा को आगे बढ़ाने में उनका योगदान अविस्मरणीय है।
पुलिस आयुक्त की श्रद्धांजलि सभा में मौजूदगी
श्रद्धांजलि सभा में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि पं. मिश्रा का जीवन स्वयं में एक युग था और उनकी स्मृतियाँ आने वाली पीढ़ियों को भारतीय संस्कृति से जोड़े रखने का कार्य करेंगी।
पं. मिश्रा के निधन से न सिर्फ़ वाराणसी बल्कि पूरा देश और विश्व शास्त्रीय संगीत की उस विभूति से वंचित हो गया है, जिसने अपने जीवन को पूरी तरह से संगीत साधना और संस्कृति संवर्धन के लिए समर्पित कर दिया था।









Users Today : 23
Users This Year : 6361
Total Users : 18954
Views Today : 48
Total views : 37460