पुलिस आयुक्त वाराणसी मोहित अग्रवाल द्वारा राजपत्रित अधिकारियों की गोष्ठी कर कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण विवेचना, आगामी मुहर्रम पर्व एवं नीट परीक्षा की तैयारियों के संबंध में विस्तृत समीक्षा करते हुए निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए-
विवेचना एवं अपराध नियंत्रण संबंधी निर्देश
1. समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित करें
• सामान्य अपराधों की विवेचना 60 दिवस तथा जघन्य अपराधों की विवेचना 90 दिवस के भीतर पूर्ण करने का नियम राजपत्रित अधिकारियों पर भी समान रूप से लागू रहेगा। किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं होगा।
2. एससी-एसटी एवं दहेज हत्या के मामलों को प्राथमिकता दें
• अनुसूचित जाति/जनजाति तथा दहेज हत्या से संबंधित मुकदमों में विशेष संवेदनशीलता एवं गंभीरता प्रदर्शित करते हुए समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित कर अभियोजन की कार्यवाही प्रभावी ढंग से संपादित की जाए।
3. डीसीपी स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा अनिवार्य
• प्रत्येक डीसीपी अपने अधीनस्थ जोन की विवेचनाओं की साप्ताहिक समीक्षा करेंगे तथा प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण हेतु प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे।
4. एसआर केसों का त्वरित अनावरण एवं निस्तारण करें
• एसआर श्रेणी के प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर अनावरण करते हुए अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए तथा दैनिक मॉनिटरिंग कर विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण कराया जाए।
5. विवेचना व्यवस्था की बहुस्तरीय समीक्षा करें
• डीसीपी अपने जोन के एसीपी, एसएचओ एवं थानों पर नियुक्त विवेचकों की अलग-अलग समीक्षा करें, जिससे कार्य की गुणवत्ता, जवाबदेही एवं समयबद्धता में सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
6. गैंगस्टर अधिनियम के मामलों का शीघ्र निस्तारण करें
• गैंगस्टर अधिनियम से संबंधित विवेचनाओं का अधिकतम दो माह के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा लंबित मामलों की नियमित निगरानी की जाए।
7. चिन्हित अपराधियों पर प्रभावी वैधानिक कार्यवाही करें
• चिन्हित अपराधियों एवं आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यकतानुसार राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA), गुण्डा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट एवं हिस्ट्रीशीट की कार्यवाही प्रभावी रूप से की जाए।
8. रात्रि गश्त को और अधिक प्रभावी बनाएं
• चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण हेतु रात्रि गश्त को सुदृढ़ किया जाए। राजपत्रित अधिकारी स्वयं निरीक्षण करें तथा पुराने एवं पेशेवर अपराधियों की कड़ी निगरानी रखें।
मुहर्रम पर्व के दृष्टिगत महत्वपूर्ण निर्देश
1. संवेदनशील स्थलों का स्वयं भ्रमण करें
• मुहर्रम पर्व की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी उच्चाधिकारी स्वयं मार्गों का भ्रमण करें तथा पूर्व की घटनाओं, संवेदनशील बिंदुओं एवं स्थानीय परिस्थितियों का सूक्ष्म अवलोकन करें।
2. जुलूस मार्ग एवं ड्यूटी व्यवस्था की पूर्ण जानकारी रखें
• प्रत्येक अधिकारी को ताजियों के मार्ग, गंतव्य स्थल, तैनात पुलिस बल एवं ड्यूटी प्वाइंट की जानकारी हो तथा मौके पर उपस्थित कर्मियों का सत्यापन भी किया जाए।
3. रूफटॉप एवं ड्रोन निगरानी अनिवार्य करें
• संवेदनशील क्षेत्रों में रूफटॉप ड्यूटी अनिवार्य रूप से लगाई जाए तथा ड्रोन कैमरों के माध्यम से सतत निगरानी कर सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए।
4. अतिक्रमण एवं त्योहार रजिस्टर का सत्यापन करें
• जुलूस मार्गों पर अतिक्रमण की स्थिति का परीक्षण किया जाए तथा त्योहार रजिस्टर का अवलोकन कर सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का समय से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
नीट परीक्षा-2026 के दृष्टिगत महत्वपूर्ण निर्देश
1. परीक्षा केंद्रों पर विशेष सतर्कता बरती जाए
• नीट परीक्षा को सकुशल, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने हेतु संवेदनशीलता के अनुरूप पर्याप्त एवं सतर्क पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
2. सोशल मीडिया की निरंतर निगरानी करें
• सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा अफवाह, भ्रामक सूचना अथवा परीक्षा से संबंधित किसी भी आपत्तिजनक गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
3. ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखें
• परीक्षा केंद्रों के आसपास यातायात व्यवस्था सुदृढ़ रखी जाए, ताकि अभ्यर्थियों एवं अभिभावकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा जाम की स्थिति उत्पन्न न होने पाए।
दिनांक 19-06-2026 को पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल द्वारा राजपत्रित अधिकारियों के साथ कैम्प कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ीकरण, अपराध नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध विवेचना, आगामी मुहर्रम पर्व तथा नीट परीक्षा-2026 की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
पुलिस आयुक्त महोदय ने निर्देशित किया कि सामान्य अपराधों की विवेचना 60 दिवस एवं जघन्य अपराधों की विवेचना 90 दिवस के भीतर पूर्ण की जाए तथा एससी-एसटी, दहेज हत्या, गैंगस्टर एवं एसआर प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने डीसीपी स्तर पर नियमित समीक्षा, पेशेवर अपराधियों की कड़ी निगरानी एवं रात्रि गश्त को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
मुहर्रम पर्व के दृष्टिगत अधिकारियों को संवेदनशील स्थलों का भ्रमण, जुलूस मार्गों का सत्यापन, रूफटॉप एवं ड्रोन निगरानी तथा अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया। वहीं, नीट परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था एवं सुचारु यातायात प्रबंधन पर विशेष बल दिया गया। उक्त बैठक में अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था/मुख्यालय शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त अपराध आलोक प्रियदर्शी, पुलिस उपायुक्त काशी जोन श्री गौरव बंशवाल, पुलिस उपायुक्त गोमती जोन सुश्री नीतू सहित जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारीगण मौजूद रहे।











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