वाराणसी
सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने एक अनोखा और आक्रामक प्रदर्शन किया। सपा कार्यकर्ता सड़कों पर खुद ‘गौमाता’ को अपने साथ लेकर उतरे, उनकी पूजा-अर्चना की, चारा खिलाया और केंद्र सरकार के सामने उन्हें राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग रखी।
इस प्रदर्शन के जरिए समाजवादी पार्टी ने भाजपा के ‘गौ-प्रेम’ के दावों की पोल खोलते हुए उन पर आस्था के नाम पर केवल वोट बैंक की राजनीति करने का सीधा आरोप लगाया।
“वोट बैंक भाजपा का, दुर्दशा गौमाता की” प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सपा नेता जीशान अंसारी ने कहा कि भाजपा के लिए गाय केवल चुनावी वैतरणी पार करने का एक जरिया है।
चुनाव आते ही भाजपा नेताओं को गाय याद आने लगती है, लेकिन चुनाव बीतते ही उन्हीं गौमाताओं को सड़कों पर लावारिस, भूखा और प्लास्टिक खाने के लिए छोड़ दिया जाता है। साथ ही ये भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में सरकारी गौशालाएं केवल भ्रष्टाचार का अड्डा बनकर रह गई हैं। करोड़ों रुपये का बजट कागजों पर साफ हो रहा है, जबकि धरातल पर गायें भूख और बीमारियों से दम तोड़ रही हैं।
भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की व्यापारिक नीतियों पर तीखा राजनीतिक तड़का लगाते हुए सपा नेता शुभम सेठ गोलू ने बड़ा आरोप मढ़ा “भाजपा का दोहरा चरित्र अब देश के सामने पूरी तरह उजागर हो चुका है।
एक तरफ ये लोग देश के भीतर गाय के नाम पर समाज को बांटने और नफरत फैलाने की राजनीति करते हैं, तो दूसरी तरफ इनके राज में भारत दुनिया के सबसे बड़े बीफ (मांस) निर्यातक देशों में शुमार है। बीफ एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों से चुनावी चंदा लेने वाले आज हमें धर्म और संस्कृति का पाठ पढ़ा रहे हैं। अगर भाजपा में रत्ती भर भी नैतिक सच्चाई है, तो वह तुरंत बीफ के निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए।”
प्रभाकर यादव ने गाय की उपयोगिता बताते हुए स्पष्ट किया कि गाय का मुद्दा सिर्फ आस्था का नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ा है, गाय का दूध जहां कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में मुख्य हथियार है, वहीं उसका गोबर और गोमूत्र आज के समय में जैविक खेती (Organic Farming) और किसानों की आय बढ़ाने का सबसे बड़ा जरिया हैं साथ ही ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से पशुधन पर टिकी है। गाय का संरक्षण असल में देश के किसान और गरीब का संरक्षण है।
सपा नेता अभिषेक झा ने कहा की हमारे पार्टी की मुख्य मांग है कि प्रधानमंत्री तत्काल संसद में कानून पास कर गौमाता को ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित करें। देश से होने वाले बीफ (गौमांस) के निर्यात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए। प्रदेश की सभी सरकारी गौशालाओं के बजट और वहां हो रही गायों की मौतों की न्यायिक जांच कराई जाए।
वहीं आनंद यादव ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि भाजपा अब गाय के नाम पर देश और उत्तर प्रदेश की जनता को गुमराह नहीं कर सकती। यदि सरकार ने ‘गौमाता’ को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और उनकी सुरक्षा को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए, तो समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।
प्रदर्शन करने में मुख्यरूप से शिवेंद्र राय, जितेंद्र पटेल, संजय पटेल, प्रीतम यादव, अमित कुमार “विक्की”, पुनीत मौर्य, राज श्रीवास्तव, जवाहर यादव, आरिफ खान, फरहान सिद्दीकी, धीरू चौबे, फहद सिद्दीकी, दाऊद खान, कैफ अहमद, सिद्धार्थ सोनकर, इमरान खान आदि शामिल रहे।
रिपोर्ट – विवेक कुमार यादव











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