चंदौली सकलडीहा।
निवासी चंद्रप्रकाश सिंह अपने आधुनिक गौशाला संचालन और डेयरी प्रबंधन को लेकर क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश कर रहे हैं। उनके गौशाला में लगभग 200 गौवंश हैं, जिनमें विदेशी और भारतीय नस्ल की गायें शामिल हैं। विदेशी नस्ल में एचएफ (HF) और जर्सी, जबकि भारतीय नस्ल में गंगातीरी, साहीवाल, थारपारकर और गिर जैसी प्रमुख नस्लें मौजूद हैं।
चंद्रप्रकाश सिंह ने बताया कि उनकी गौशाला से प्रतिदिन लगभग 1000 लीटर दूध उत्पादन होता है, जिसे वे सीधे रॉ मिल्क के रूप में बाजार में उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर उत्पादन के लिए गौवंशों की देखभाल और आराम पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
गर्मी के मौसम में गायों को तनाव से बचाने के लिए गौशाला में फॉगर और एग्जॉस्ट फैन की व्यवस्था की गई है। वहीं काउ कम्फर्ट को ध्यान में रखते हुए रबर मैट का उपयोग किया जाता है। दूध निकालने के लिए मशीन मिल्किंग तकनीक अपनाई गई है और साफ-सफाई व हाइजीन का विशेष ध्यान रखा जाता है।
उन्होंने बताया कि गौवंशों के लिए नियमित वैक्सीनेशन प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है। साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला कंसंट्रेट फीड, साइलेज और हरा चारा उपलब्ध कराया जाता है, जिससे पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है और दूध उत्पादन में वृद्धि होती है।
चंद्रप्रकाश सिंह का कहना है कि आधुनिक तकनीक, संतुलित आहार और बेहतर प्रबंधन के जरिए डेयरी व्यवसाय को लाभकारी बनाया जा सकता है। उनका यह प्रयास क्षेत्र के पशुपालकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।









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