वाराणसी कमिश्नरेट में बड़ा एक्शन:SOG-02 भंग, थानाध्यक्षों का फेरबदल,लापरवाहों पर सख्त चेतावनी

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वाराणसी 

वाराणसी कमिश्नरेट में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा और सख्त कदम उठाया है। सैनिक सम्मेलन और मासिक अपराध समीक्षा बैठक के दौरान जहां एक ओर पुलिसिंग की गहन समीक्षा की गई, वहीं दूसरी ओर लापरवाही पर सीधा प्रहार करते हुए SOG-02 को भंग कर दिया गया और कई थाना प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में बड़ा बदलाव किया गया।

पुलिस आयुक्त ने साफ शब्दों में संदेश दिया कि अब थाने की कमान उसी अधिकारी के हाथ में रहेगी, जो जमीन पर काम करेगा, अपराध पर नियंत्रण रखेगा और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करेगा। निष्क्रियता और ढिलाई अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में लिए गए अहम फैसलों के तहत मिर्जामुराद, सिगरा, रामनगर और कैंट थानों सहित कई स्थानों पर प्रभारी निरीक्षकों का तबादला किया गया। वहीं SOG-02 को पूरी तरह भंग कर उसके सभी कर्मियों को पुलिस लाइन से अटैच कर दिया गया है, जिसे बाद में नए सिरे से गठित किया जाएगा।

अपराध समीक्षा के दौरान पुलिस आयुक्त ने थानाध्यक्षों को सख्त निर्देश दिए कि हर हाल में अपराधों की विवेचना तय समय सीमा—सामान्य मामलों में 60 दिन और गंभीर मामलों में 90 दिन—के भीतर पूरी कर चार्जशीट दाखिल की जाए। महिला अपराध, साइबर अपराध, गोतस्करी, चोरी और एनडीपीएस मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने को कहा गया।

इसके साथ ही रिक्रूट आरक्षियों के प्रशिक्षण पर विशेष जोर देते हुए उन्हें सोशल मीडिया पॉलिसी, सीसीटीएनएस, ई-समन पोर्टल और यक्ष ऐप के प्रभावी उपयोग की पूरी जानकारी देने के निर्देश दिए गए।

यातायात व्यवस्था को लेकर भी सख्त रुख अपनाते हुए RTC स्कीम के तहत चिन्हित मार्गों पर विशेष निगरानी और ZFD (Zero Fatality District) अभियान के तहत सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर शून्य करने का लक्ष्य तय किया गया है। तीन सवारी, बिना नंबर प्लेट और गलत दिशा में चलने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए गए।

पुलिस आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के फोन कॉल को प्राथमिकता दी जाए और शिकायतों का समयबद्ध एवं पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

इस समीक्षा बैठक में अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) आलोक प्रियदर्शी सहित सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

कुल मिलाकर, वाराणसी पुलिस में अब “काम करो या कुर्सी छोड़ो” का संदेश साफ तौर पर लागू होता दिख रहा है।

 

रिपोर्ट – विजयलक्ष्मी तिवारी

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