भेलूपुर जिम स्पोर्टिंग क्लब में दिव्य भव्य रूप में विराजमान होती है मां, सोने चांदी से होता है इनका श्रृंगार

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वाराणसी    महादेव की नगरी काशी इन दिनों मां दुर्गा के भक्ति और उल्लास से सराबोर है। शारदीय नवरात्र की धूम के बीच शहर के कोने-कोने में आकर्षक पंडाल और अद्वितीय प्रतिमाएं भक्तों को अपने आंचल में समेट रही हैं। कहीं माता को वनवास रूप में सजाया जा रहा है तो कहीं ब्लैक एंड वाइट मूर्तियों की भव्यता श्रद्धालुओं को मोहित कर रही है। इसी कड़ी में भेलूपुर स्थित जिम स्पोर्टिंग क्लब का भव्य पंडाल इस बार काशीवासियों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

महादेव की नगरी काशी इन दिनों मां दुर्गा के भक्ति और उल्लास से सराबोर है। शारदीय नवरात्र की धूम के बीच शहर के कोने-कोने में आकर्षक पंडाल और अद्वितीय प्रतिमाएं भक्तों को अपने आंचल में समेट रही हैं। कहीं माता को वनवास रूप में सजाया जा रहा है तो कहीं ब्लैक एंड वाइट मूर्तियों की भव्यता श्रद्धालुओं को मोहित कर रही है। इसी कड़ी में भेलूपुर स्थित जिम स्पोर्टिंग क्लब का भव्य पंडाल इस बार काशीवासियों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

कोलकाता की झलक, काशी में दिव्यता

पिछले 56 वर्षों से परंपरागत ढंग से दुर्गा पूजा का आयोजन करने वाला जिम स्पोर्टिंग क्लब इस बार कोलकाता की प्रसिद्ध पार्क स्ट्रीट थीम पर पंडाल सजा रहा है। क्लब के सचिव इंजीनियर महेंद्र केसरी बनर्जी ने बताया कि प्रतिमा निर्माण का कार्य रथयात्रा मेले के बाद से ही शुरू हो जाता है। कलाकार सीधे कोलकाता से वाराणसी आते हैं और पंडाल में ही मूर्तियों को गढ़ते हैं। मूर्तियों का निर्माण शुरू करने से पहले विधि-विधानपूर्वक पूजा की जाती है।

 

महादेव की नगरी काशी इन दिनों मां दुर्गा के भक्ति और उल्लास से सराबोर है। शारदीय नवरात्र की धूम के बीच शहर के कोने-कोने में आकर्षक पंडाल और अद्वितीय प्रतिमाएं भक्तों को अपने आंचल में समेट रही हैं। कहीं माता को वनवास रूप में सजाया जा रहा है तो कहीं ब्लैक एंड वाइट मूर्तियों की भव्यता श्रद्धालुओं को मोहित कर रही है। इसी कड़ी में भेलूपुर स्थित जिम स्पोर्टिंग क्लब का भव्य पंडाल इस बार काशीवासियों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

 

18 फीट की भव्य प्रतिमा, सोने-चांदी का श्रृंगार

करीब पांच कारीगरों ने तीन महीने की कठोर मेहनत से मां दुर्गा, भगवान गणेश, कार्तिकेय और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को आकार दिया है। इस बार मां दुर्गा की 18 फीट ऊंची और 21 फीट चौड़ी प्रतिमा भक्तों के आकर्षण का केंद्र बनी है। खास बात यह है कि प्रतिमाओं को चांदी का मुकुट और सोने-चांदी के अस्त्र-शस्त्र पहनाए जा रहे हैं, जिन्हें विशेष रूप से कोलकाता से मंगवाया गया है। इस अद्वितीय श्रृंगार ने पंडाल की भव्यता को कई गुना बढ़ा दिया है।

 

महेंद्र केसरी बनर्जी, जो पिछले 34 वर्षों से सचिव पद पर हैं, बताते हैं कि दशमी पर यहां परंपरागत रूप से अबीर खेला जाता है। सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर भव्य भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें रोजाना 6 से 7 हजार श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं। इतना ही नहीं, प्रसाद पैक करके भी श्रद्धालुओं तक पहुंचाया जाता है। पूजा के दौरान 500 निर्धन महिलाओं को वस्त्र और श्रृंगार सामग्री भेंट की जाती है, जिससे इस उत्सव का सामाजिक महत्व भी और गहरा हो जाता है।

 

महादेव की नगरी काशी इन दिनों मां दुर्गा के भक्ति और उल्लास से सराबोर है। शारदीय नवरात्र की धूम के बीच शहर के कोने-कोने में आकर्षक पंडाल और अद्वितीय प्रतिमाएं भक्तों को अपने आंचल में समेट रही हैं। कहीं माता को वनवास रूप में सजाया जा रहा है तो कहीं ब्लैक एंड वाइट मूर्तियों की भव्यता श्रद्धालुओं को मोहित कर रही है। इसी कड़ी में भेलूपुर स्थित जिम स्पोर्टिंग क्लब का भव्य पंडाल इस बार काशीवासियों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

 

सिंदूर खेला और मां की विदाई

मां की विदाई के समय यहां बंगाली परंपरा के अनुसार महिलाएं सिंदूर खेला करती हैं और मां को मिठाई खिलाकर अगले वर्ष जल्दी आने का आमंत्रण देती हैं। यह दृश्य श्रद्धालुओं की आंखों को नम कर देता है, लेकिन साथ ही हृदय को आस्था और उत्साह से भर देता है।

उल्लास और आस्था से सराबोर काशी

पूरे इलाके में दुर्गा पूजा की तैयारियों ने उत्सव का माहौल बना दिया है। पंडाल में महिषासुर वध करते हुए मां दुर्गा का पराक्रमी रूप, उनके परिवार के साथ सोने-चांदी के मुकुट और श्रृंगार से सजी प्रतिमाएं श्रद्धालुओं को दिव्यता का अनोखा अनुभव करा रही हैं। भक्तजन इस अद्वितीय संगम को देखने के लिए बेसब्री से उमड़ रहे हैं।काशी में इस बार की दुर्गा पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का उत्सव बन गई है, जहां भक्ति और आनंद की धारा एक साथ प्रवाहित हो रही है।

 

रिपोर्ट विजयलक्ष्मी तिवारी

 

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