विकास के दावों की खुली पोल, जाम नाली से त्रस्त ग्रामीणों में भारी आक्रोश।

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चन्दौली चकिया

ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा के राडीह में पिछले लगभग 6 वर्षों से जाम पड़ी नाली ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुकी है। गांव के माइनर से होते हुए चौहान बस्ती से हरिजन बस्ती तक जाने वाली नाली पूरी तरह बंद हो चुकी है, जिसके चलते गंदा पानी और कीचड़ गांव में ही जमा हो रहा है। हालत यह है कि नाली से सटे घरों में रहने वाले लोग बदबू और गंदगी के बीच जीवन बिताने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि नाली जाम होने के कारण गांव के पास स्थित प्राचीन ब्रह्मदेव मंदिर परिसर भी कीचड़ और गंदगी से पट गया है। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को पूजा-पाठ में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पास में लगे हैंडपंप का पानी भी दूषित हो चुका है, जिसे पीना तक मुश्किल हो गया है। लोगों का कहना है कि गंदगी और जलजमाव से गांव में संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार गांव के उत्तर और दक्षिण दोनों तरफ की नालियां पूरी तरह जाम हैं और पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं बची है। पहले यह नाली सही तरीके से काम करती थी और पानी गांव से बाहर निकल जाता था, लेकिन पिछले कई वर्षों से मरम्मत न होने के कारण स्थिति भयावह हो चुकी है। अब गंदा पानी गांव में ही रुककर लोगों की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है।

आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस समस्या को लेकर सैकड़ों बार शिकायत की जा चुकी है। ग्राम प्रधान से लेकर उच्च अधिकारियों तक गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव के पानी की निकासी पास की नदी और कैनाल की तरफ कराई जाए, ताकि लोगों को इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके।

ग्रामीण महेंद्र, इंद्रजीत, रामवृक्ष, घूरन मास्टर, रंजीत, रामजी, संतोष, फुला, दूधा, सावित्री सहित अन्य लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

वहीं जब इस गंभीर मामले पर चकिया विकासखंड अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनके सीयूजी नंबर पर इनकमिंग सेवा बंद होने की सूचना मिली। ऐसे में ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर वे अपनी समस्या लेकर जाएं तो जाएं किसके पास।

अब सवाल यह है कि प्रशासन गांव की इस गंभीर समस्या पर संवेदनशीलता दिखाते हुए ठोस कार्रवाई करेगा, या फिर वर्षों से परेशान गरीब और वंचित ग्रामीणों को इसी बदहाल स्थिति में जीने के लिए मजबूर छोड़ देगा।

ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद सुनवाई न होना व्यवस्था की गंभीर उदासीनता को दर्शाता है।

 

रिपोर्ट – अलीम हाशमी

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