वाराणसी।
शहर के सबसे व्यस्त और घनी आबादी वाले बाजार दालमंडी में शनिवार को सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत बड़े स्तर पर ध्वस्तीकरण अभियान शुरू कर दिया गया। सुबह प्रशासनिक टीमों के साथ बुलडोजर मौके पर पहुंचा तो पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए भारी पुलिस बल, पीएसी, अर्धसैनिक बल और ड्रोन निगरानी की व्यवस्था की गई।
प्रशासन ने तीन दिनों के भीतर 45 चिन्हित भवनों को ध्वस्त करने का लक्ष्य तय किया है। इनमें 25 भवनों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है, जबकि 20 भवनों को नगर निगम द्वारा जर्जर घोषित किया गया है। कार्रवाई से पहले भवन मालिकों को नोटिस देकर मकान खाली करने के निर्देश दिए गए थे।

मौके पर पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, एडीएम प्रशासन, एडीएम सिटी समेत कई विभागों के अधिकारी लगातार अभियान की निगरानी कर रहे हैं। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में बैरिकेडिंग भी की गई है।
पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता के.के. सिंह ने बताया कि चिन्हित अपंजीकृत और जर्जर भवनों को नियमानुसार गिराया जा रहा है। वहीं दशाश्वमेध एसीपी अतुल अंजन त्रिपाठी ने कहा कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
ध्वस्तीकरण कार्रवाई के चलते दालमंडी बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। कई व्यापारियों ने विरोध स्वरूप अपनी दुकानें बंद रखीं। कारोबारियों में अपने व्यापार और संपत्तियों को लेकर चिंता का माहौल है।
बताया जा रहा है कि दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत अब तक 181 भवनों में से 61 भवनों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है और प्रशासन लगभग 39 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित कर चुका है। प्रशासन का दावा है कि सड़क चौड़ीकरण के बाद क्षेत्र की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा।











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