वाराणसी जिले के शिवपुरी विकास खंड क्षेत्र के भीषमपुर गांव में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज 2 योजना के तहत प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई का प्लांट स्थापित किया गया है।स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेस टू के तहत योजना की शुरुआत की गई जिसके तहत लोगों को अपशिष्ट प्रबंधन से जोड़ना और पर्यावरण संरक्षण करने का उद्देश्य था। इसी उद्देश्य से गांवों में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट की स्थापना कराई जा रही है।
प्लांट की स्थापना लगभग 16 लाख रुपए की लागत से की गई है।जहां कचरा संग्रहण गांव में तैनात सफाई कर्मचारियों द्वारा प्लास्टिक इकठ्ठा कर उक्त प्लांट में लाया जाता है।वही प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरे का सही तरीके से निपटान करना है।यह प्लांट वाराणासी जिले में स्वछता और पर्यावरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट निर्माण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को सौंपी गई है। इस यूनिट की स्थापना के लिए ग्राम पंचायत बतौर एजेंसी काम करेगी। यूनिट में गांव व उससे जुड़े शहरी इलाकों से कचरा यहां लाया जाएगा। इसको यहां नष्ट किया जाएगा। इसके अवशेष लोक निर्माण विभाग, आरइएस समेत अन्य विभागों को सड़क निर्माण के लिए दिया जाएगा। भीषमपुर के ग्राम प्रधान व प्रधान संघ जिलाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज 2 योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा 16 लाख रुपए से प्लास्टिक अपशिष्ट इकाई लगाई गई है
जिसमें बाउंड्री वॉल करवाना एवं चार मशीन लगाना है। इसी मशीनों के द्वारा हम लोग के प्लास्टिक का संचयन करते हैं। इसमें तीन ब्लॉक से प्लास्टिक अपशिष्ट आते हैं जो काशी विद्यापीठ आराजीलाइन एवं सेवापूरी शामिल है। इसमें सहायता समूह की महिलाएं काम करती हैं जो 100 से लेकर ₹500 तक का डेली काम कर लेती है। यह प्लांट ग्राम सभा के तहत चलाया जाता है, ग्राम प्रधान द्वारा संचालित कराया जाता है। इसमें प्लास्टिक का छोटे-छोटे दाना बनता है, उसको पीडब्ल्यूडी को दिया जाता है उससे जो आमदनी होता है समूह की महिलाओं को सैलरी के रूप में दिया जाता है बाकी ग्राम सभा में दिया जाता है।










Users Today : 11
Users This Year : 23707
Total Users : 36300
Views Today : 14
Total views : 71280