लखनऊ में सुरक्षित आहार का संकल्प: 200 खाद्य कारोबारियों ने लिया FoSTaC प्रशिक्षण, स्वच्छता और गुणवत्ता पर रहा विशेष जोर

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लखनऊ, 24 अप्रैल 2026

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA), उत्तर प्रदेश की आयुक्त के निर्देशन और सहायक आयुक्त (खाद्य)-II, लखनऊ के मार्गदर्शन में, आम जनमानस को सुरक्षित और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता के साथ आज गोमती नगर स्थित होटल ‘द ग्रैंड जेबीआर’ में एक दिवसीय FoSTaC (Food Safety Training and Certification) प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।

इस प्रशिक्षण शिविर में लखनऊ के विभिन्न क्षेत्रों से आए 200 खाद्य कारोबारकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इसमें कैटरिंग संचालक, होटल एवं रेस्टोरेंट प्रबंधक, मिष्ठान प्रतिष्ठान संचालक और खाद्य विनिर्माता (सामान्य एवं डेयरी) शामिल रहे।

प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु: स्वच्छता और सुरक्षा सर्वोपरि

प्रशिक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों और विशेषज्ञों ने व्यवसायियों को सुरक्षा मानकों के प्रति सजग किया। प्रमुख निर्देश इस प्रकार रहे:

व्यक्तिगत स्वच्छता (Personal Hygiene): खाद्य निर्माण में जुटे कर्मियों के लिए एप्रन, सिर पर जाली (नेट) और ग्लव्स का अनिवार्य रूप से उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया।

प्रतिष्ठान की स्वच्छता: किचन और भंडारण क्षेत्र की उच्च स्तरीय साफ-सफाई पर जोर दिया गया। विशेष रूप से किचन की गहन सफाई के लिए रात्रि के समय निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश दिए गए।

दूषित आहार से बचाव (Cross-contamination): शाकाहारी-मांसाहारी तथा कच्चे-पके भोजन को अलग-अलग रखने की वैज्ञानिक तकनीकों को समझाया गया।

स्मार्ट स्टोरेज: पके हुए भोजन के भंडारण के दौरान उन पर पकाने का दिनांक और समय अंकित करने के लिए स्टीकर लगाने की प्रक्रिया अनिवार्य बताई गई।

दस्तावेजीकरण एवं FSSAI मानक: विनिर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट और बिलिंग रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने के महत्व पर चर्चा हुई। साथ ही, लाइसेंस और पंजीकरण की शर्तों के पालन के लिए प्रोत्साहित किया गया।

खाद्य सुरक्षा: केवल कानून नहीं, नैतिक जिम्मेदारी

प्रशिक्षण सत्र के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने उपस्थित व्यवसायियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि, “खाद्य सुरक्षा केवल कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि यह आपकी नैतिक जिम्मेदारी भी है।” विशेषज्ञों ने उपस्थित प्रतिभागियों के सभी शंकाओं का समाधान किया और उन्हें एफएसएसएआई (FSSAI) लाइसेंस एवं फास्ट्रेक प्रमाण पत्र की उपयोगिता के बारे में विस्तार से बताया।

कार्यक्रम के अंत में सभी 200 प्रतिभागियों को FoSTaC प्रमाण पत्र प्रदान किए जाने की घोषणा की गई, जो भविष्य में उनके प्रतिष्ठान की विश्वसनीयता और गुणवत्ता को प्रमाणित करेंगे।

यह आयोजन लखनऊ में सुरक्षित खाद्य संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।

 

रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला

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