वाराणसी
जैतपुरा थाना क्षेत्र के सरैया रेलवे ट्रैक पर सोमवार को एके-47 राइफल मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। सुबह एक स्थानीय युवक ने रेलवे ट्रैक के किनारे पड़े संदिग्ध हथियार को देखा और तत्काल इसकी सूचना जैतपुरा पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हथियार को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार बरामद एके-47 राइफल की मैगजीन गोलियों से भरी हुई थी, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई। शुरुआती जांच में यह सामने आया कि यह हथियार कथित रूप से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक जवान का है। बताया जा रहा है कि सीआरपीएफ की एक टुकड़ी ट्रेन के जरिए पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनावी ड्यूटी के लिए जा रही थी, उसी दौरान यह हथियार किसी तरह ट्रेन से नीचे गिर गया।
पुलिस ने की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई। मौके पर डीसीपी काशी, एडीसीपी, एसीपी चेतगंज समेत कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने तुरंत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) से संपर्क साधकर मामले की जानकारी साझा की और समन्वय स्थापित करते हुए जांच आगे बढ़ाई।
जांच के दौरान पता चला कि जिस ट्रेन से सीआरपीएफ के जवान जा रहे थे, वह डीडीयू (पंडित दीनदयाल उपाध्याय) जंक्शन पर रुकी हुई थी। इसके बाद पुलिस ने संबंधित सीआरपीएफ टुकड़ी के कमांडर से संपर्क किया। पूछताछ में पुष्टि हुई कि एक जवान का एके-47 हथियार रास्ते में कहीं गिर गया था, जिसकी जानकारी उन्हें भी नहीं हो पाई थी।
पहुंचे अधिकारी
पूरी प्रक्रिया के बाद आवश्यक जांच-पड़ताल कर बरामद एके-47 राइफल को सीआरपीएफ टुकड़ी के कमांडर के हवाले कर दिया गया। हालांकि, इस पूरे मामले में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी संवेदनशील हथियार ट्रेन से कैसे गिर गया और जवानों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हो सकी।
शाम 5 बजे तक इस मामले में किसी भी अधिकारी की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।








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