जब उम्र हो जाए 80 साल और आंखें तरसे देखने के लिए दिन और रात ऐसे हालात में बुजुर्गो के मदद के लिए सदगुरु नेत्र चिकित्सालय हमेशा रहता हैं तैयार।

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वाराणसी –

80 वर्षीय बुजुर्ग दम्पति सोमारी देवी जो कि वाराणसी जिले के राजातालाब तहसील महनाग गांव की मूल निवासी हैं को आंख के रेटीना में दिक्कत हो जाने से अचानक दिखाई देना बंद हो गया था जिसके दौरान सदगुरु नेत्र चिकित्सालय चित्रकूट के डाक्टरों ने सफल आपरेशन करके ठीक कर दिए। सोमारी देवी का सपना हुआ साकार अब अपने आंखों से देख सकती हैं। इसके लिए वाराणसी के समाज सेवी सुबेदार यादव ने डाक्टर को धन्यवाद किए।कहा जाता हैं कि आंख हैं तो जहान है आंख नहीं तो कुछ नहीं।

पिछले कई महीनों से सोमारी देवी अपने आंख के समस्या से जूझ रही थी बनारस के बड़े बड़े डाक्टरों को दिखाईं तो डाक्टरों ने बोला काफी पैसा खर्च होगा।जिसके उपरांत आयुष्मान कार्ड लेकर दर दर घूम रही सोमारी देवी लेकिन कहीं इलाज सम्भव नहीं हो पाया तब प्रधानमंत्री कार्यालय गुहार लगाई लेकिन वहां भी सफलता नहीं मिला तब समाज सेवी सुबेदार यादव ने सोमारी देवी को सदगुरु नेत्र चिकित्सालय चित्रकूट दिखाने के लिए पहुंचे वहां पहुंचने पर पता चला कि यहां मशीनरी से बड़ा बड़ा जांच आसानी से हो जा रहा हैं। और डाक्टर भी काफी अनुभवी हैं मरीजों को काफी सुविधा हैं।

इलाज में भी काफी रियात हैं गरीबों का फ्री में इलाज हो रहा हैं। डाक्टर भी काफी संख्या में इलाज कर रहे हैं। बहुत सुविधाजनक आंख का हास्पीटल हैं। सदगुरु नेत्र चिकित्सालय चित्रकूट। आधुनिक मशीन द्वारा डाक्टरों ने सोमारी देवी के आंख का सफल आपरेशन किए। अब सोमारी देवी अपने आंख से देख सकती हैं । बुढ़ापे का सहारा गरीबों का सहरा हैं सदगुरु नेत्र चिकित्सालय चित्रकूट समाज सेवी सुबेदार यादव।बताएं कि देश के कोने कोने से आते हैं

लोग चित्रकूट सदगुरु नेत्र चिकित्सालय अपने आंख के इलाज कराने और सब ठीक होकर जातें हैं इस संस्था को चित्रकूट के रणछोड़ दास महराज ने शुभारंभ किए थे। महराज जी का सपना था लोगों का भलाई करना जो सदगुरु नेत्र चिकित्सालय में पूरा हो रहा हैं। आंख हैं तो जहान हैं आंखों से ही दुनिया संसार को देखा जा सकता हैं आंख नहीं तो कुछ नहीं ।

 

रिपोर्ट विजयलक्ष्मी तिवारी

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