बलिया 1अप्रैल 2026
प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन समाज कल्याण अनुभाग-3 लखनऊ शासनादेश संख्या- 129/2021/3206/26-3-2021 दिनांक 3 नवम्बर 2021 द्वारा स्पष्ट रूप से दिशा-निर्देश दिया गया है कि आवेदनकर्ता द्वारा साक्ष्य के तौर पर प्रमाणित भू-राजस्व अभिलेखों 1356 या 1359 फसली की खतौनी में गोंड़ अंकित हो की पुष्टि अभिलेखागार के मूल रिकॉर्ड से किए जाने के पश्चात सही पाए जाने पर गोंड अनुसूचित जनजाति का प्रमाण-पत्र निर्गत कर दिया जाय!
इसमें किसी भी प्रकार की हिला-हवाली न की जाए! आवेदनकर्ता के भूमिहीन होने की दशा में उनके परिवार रजिस्टर की नकल, शैक्षणिक संस्थाओं विद्यालय की टी.सी. नजदीकी गोंड परिवार से भी पूछ-ताछ जॉच-पड़ताल कर गोंड जाति प्रमाण पत्र निर्गत करें” का कड़ाई से अनुपालन कराने की मांग को लेकर 2 अप्रैल 2026 से बांसडीह तहसील पर कार्यालय अवधि का अनिश्चित कालीनं धरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से प्रारम्भ किए जाने संबंधित जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा गया!
जनजाति गोंड छात्र नौजवानों ने कहा कि बांसडीह तहसीलदार द्वारा भारत के राष्ट्रपतीय राजपत्र, संविधान मा.प्रमुख सचिव शासनादेश 3 नवम्बर 2021 द्वारा दिए गए दिशा निर्देश की घोर अवमानना की जा रही है! तहसीलदार जनजाति गोंड छात्र नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं!गोंड जानजाति प्रमाण-पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन करने पर तहसीलदार द्वारा बार बार आवेदन अस्वीकृत/ निरस्त कर दिया जा रहा है! गोंड छात्र नौजवानों का उत्पीड़न चरम पर है!
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से राजा गोंड, बिट्टू कुमार प्रसाद, प्रिंस कुमार, गौतम गोंड, मुन्ना शाह, टिंकू शाह, राजेंद्र गोंड, प्रियांशु शाह, पंकज गोंड, सुशील शाह, राजेंद्र प्रसाद, बांसडीह तहसील इकाई अध्यक्ष उमाशंकर गोंड, कन्हैया लाल गोंड, सोनू कुमार रहे!
रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला











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