वाराणसी।
वाराणसी परिक्षेत्र में पुलिस के विशेष अभियान ने अवैध कारतूस और शस्त्र लाइसेंस में बड़े खेल का पर्दाफाश कर दिया है। वैभव कृष्ण के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान में जौनपुर, गाजीपुर और चंदौली जिलों में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं।
डीआईजी वैभव कृष्ण के निर्देष पर 20 जनवरी 2026 से शुरू हुए इस अभियान के तहत पिछले दो वर्षों (01 जनवरी 2024 से 20 जनवरी 2026) के कारतूस बिक्री रिकॉर्ड की गहन जांच की गई, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए।
जांच में क्या-क्या निकला?
* कुल 2,490 कारतूस का अनाधिकृत उपयोग
* 7 मुकदमे (FIR) दर्ज
* 170 शस्त्र लाइसेंस निलंबित/निरस्त
* कई गन हाउस बिना लाइसेंस नवीनीकरण के संचालित
जिलेवार बड़ा खुलासा
जौनपुर
* राजपूत गन हाउस में 415 कारतूस का फर्जी हिसाब
* जयहिंद गन हाउस में 280 कारतूस संदिग्ध बिक्री
* पांडेय गन हाउस का लाइसेंस नवीनीकरण नहीं
* 57 लाइसेंस धारक हर्ष फायरिंग/अनधिकृत उपयोग में पकड़े गए
चंदौली
* चंदौली गन हाउस द्वारा 1,061 कारतूस संदिग्ध लोगों को बिक्री
* मालती गन हाउस में भी फर्जी बिक्री उजागर
* एक व्यक्ति द्वारा 399 कारतूस नियम विरुद्ध खरीदे गए
* 88 लाइसेंस धारकों पर कार्रवाई
🔸 गाजीपुर
* सिंह मैन्युफैक्चरर का लाइसेंस नवीनीकरण नहीं
* 25 लाइसेंस धारक अनियमित उपयोग में पकड़े गए
पुलिस का सख्त संदेश
पुलिस के अनुसार, इस अभियान ने साफ कर दिया है कि कई स्थानों पर कारतूस की बिक्री में हेरफेर और गलत उपयोग हो रहा था। इस कार्रवाई से अपराधियों तक हथियार और कारतूस की पहुंच पर बड़ा अंकुश लगेगा।
निष्कर्ष
वाराणसी रेंज में यह अब तक की सबसे बड़ी कारतूस जांच कार्रवाई मानी जा रही है। इससे शस्त्र लाइसेंस व्यवस्था पर निगरानी और सख्ती दोनों बढ़ेगी, और अवैध हथियार नेटवर्क पर बड़ा प्रहार हुआ है।










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