वाराणसी दिनांक 22-3-26 चैत्र नवरात्रि की चतुर्थी को ज्ञानवापी स्थित माता “श्रृंगार गौरी” का दर्शन पूजन भव्य रुप से हुआ सम्पन्न

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पिछले सरकारो में ज्ञानवापी में स्थित माता श्रृंगार गौरी को जैसे कैद कर लिया हो ऐसा ही कृत्य किया गया था। वहाँ दर्शन पूजन सब बंद कर दिया गया था। लेकिन काफी संघर्षों के बाद वर्ष 2005 मे एक दिन के दर्शन पूजन हेतु मंदिर खुला चैत्र नवरात्रि की चतुर्थी को, तब से आज तक इस परम्परा को काशीवाशी निभाते चले आ रहे हैं। वर्ष में एक दिन के लिए खुलने वाले इस मंदिर ज्ञानवापी स्थित माता श्रृंगार गौरी का दर्शन खुलते ही भक्तों का आने का क्रम चालू हो गया

चौक पर स्थित चित्रा सिनेमा के पास सभी भक्त जन एकत्रित होकर हाथों में पूजन सामग्री माला-फूल, प्रसाद,नारियल, ध्वज लेकर माता की जयकार करते हुए गुलशन कपूर काशीपुत्र के नेतृत्व में ज्ञानवापी पहुँचे वहां पहुंच कर सर्वप्रथम माता का ज्ञानवापी कूप के जल से स्नान कराया गया फिर गुलाब, अढुल,बेला के फूल से श्रृंगार किया गया तत्पश्चात माता को सिन्दूर एवं सोलह श्रृंगार अर्पण करके विविध मिष्ठान,का भोग लगाकर आरती कि गयी,

इसके बाद सभी भक्त हाथों में नारियल लेकर मंदिर की परिक्रमा किये व नारियल चढाया और माता रानी से विश्व कल्याण, मानव समाज की रक्षा, सुहागन माताओं बहनों के अमर सुहाग व भव्य माता का मंदिर बने इसके लिए प्रार्थना किया । माता के पूजनोपरांत सभी परंपरा अनुसार ज्ञानवापी कूप के जल से बाबा विश्वनाथ जी का भी जलाभिषेक किया गया और माता अन्नपूर्णा जी, ढुंढिराज श्री गणेश जी का भी दर्शन पूजन करके पुनः ज्ञानवापी प्रांगण में सुंदर कांड स्थल पर पहुंचे और सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ कर के उक्त कार्यक्रम पूर्ण किया गया।

जय विश्वनाथ  जय माता श्रृंगार गौरी जी  
उक्त आयोजन में जिन्होंने बड़ी ही सुगमता से दर्शन पूजन सम्पन्न कराया उन्हें धन्यवाद दिया गया, और आज सूर्य देव जी की विशेष कृपा सभी भक्तों पर रही की उन्होंने अपना ताप बहुत कम कर दिया था साथ मंदिर प्रशासन द्वारा बहुत ही सुंदर व्यवस्था में सभी भक्तों की देवी मां शृंगार गौरी को नारियल अर्पण करने की निशुल्क व्यवस्था थी इसके साथ ही ज्ञानवापी प्रांगण में सुंदर कांड का पाठ भी अनवरत चल रहा था और सभी भक्तों के लिए फलहारी हलुआ भी बाटा गया जिससे सभी भक्तों में काफी प्रसन्नता रही और मंदिर प्रशासन को कोटि कोटि आभार प्रकट किया है।

गुलशन कपूर ने अंत में सभी भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी के पिछले 30 वर्षों के संघर्ष के बाद यह प्रसन्नता मिली कि जहां पिछले सरकारों में बुलाने पर भी गिने चुने लोग ही बहुत डरते हुवे माता श्रृंगार गौरी के दर्शन पूजन को आते थे वहीं परम पूज्य योगी जी ने उस डर को समाप्त करते हुए आम जनता को वृहद स्तर पर दर्शन पूजन की बहुत ही सुंदर व्यवस्था कराई हैं जिसके लिए हम सभी काशीवासी एवं सनातन धर्मि उनको हृदय की अनंत गहराइयों से आभार प्रकट करते हैं साथ ही आज विभिन्न समूहों में और सामान्य दर्शनार्थी भी इतने उत्साह और गर्व, अधिकार के साथ दर्शन पूजन किए हैं

जिन्हें देख कर काफी प्रसन्नता एवं संतोष की अनुभूति हो रही है कि हम सभी के संघर्ष को एक सुखद आयाम मिला जिनके दर्शन पूजन के लिए हम लोगों ने कितनी पुलिस की लाठियां खाई, मुकदमे झेले, हर वर्ष, जब सभी अपने घरों में पूजा पाठ में व्यस्त रहते थे तब हम लोग लाठियां खाते हुवे अपने धर्म के लिए गिरफ्तारियां देते थे और त्यौहार पर जेल या थाने पर बैठा लिए जाते थे, किन्तु एक संत/योगी के सरकार में हम गर्व से अपने धार्मिक स्थानों पर भव्य दर्शन पूजन कर रहे हैं जिसकी जितनी प्रशंसा की जाए वह कम है।

उक्त आयोजन में गुलशन कपूर, काशीपुत्र के साथ पं.विजय शंकर पांडेय, महंत राजू पाठक, पुजारी सोमनाथ, सोनू कपूर, महंत मंगला गौरी नरेन्द्र पाण्डेय, प्रशांत शंकर व्यास,कमल तिवारी, अजय सिंह पटेल,मनोज मिश्रा,सुनील मेहरोत्रा,कुश अग्रहरी,नीरज गुप्ता,राजेश गुप्ता,ओम प्रकाश यादव,संतोष सेठ,करन जायसवाल,बृजेश सिंह,अभिषेक प्रजापति, राजू यादव, प्रांजल जायसवाल, गौरव विश्वकर्मा,भुलन मिश्रा, बच्ची साहनी, युवराज जेटली, ज्योत्सना दुबे, माधुरी झिंगरन, सीमा श्रीवास्तव, अर्चना शुक्ला, नीतू पांडेय, आयुष्मति पाठक सहित सेंकड़ों भक्त, महिलाएं, डमरू दल शामिल हुए ।

 

रिपोर्ट विजयलक्ष्मी तिवारी

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