गोरखपुर: चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होने वाले हिंदू नवसंवत्सर की पूर्व संध्या पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गोरखपुर महानगर दक्षिणी द्वारा पथ संचलन निकाला गया. इसमें हजारों की संख्या में स्वयंसेवकों ने भाग लिया. संघ के पारंपरिक गणवेश में जुटे स्वयंसेवक जब बैंड के धुन के साथ सड़क पर निकले तो उनके कदमताल में उनका अनुशासन नजर आ रहा था.
पथ संचलन के पूर्व महाराणा प्रताप इंटर कालेज में स्वयंसेवकों को गोरक्ष प्रांत के प्रांत प्रचारक रमेश जी ने संबोधित किया. उन्होंने कहा कि भारतीय नव वर्ष गुरूवार से प्रारंभ होगा. विक्रम संवत 2083 चैत्र शुक्ल प्रतिपदा भारतीय काल गणना के अनुसार प्रारंभ होगा.
यह पूर्ण रूप से तार्किक, व्यवहारिक, आध्यात्मिक और वैज्ञानिक है. भारतीय नव वर्ष की पवित्र पूर्व संध्या पर हम सब लोग यहां पर इकट्ठा होकर पथ संचलन के माध्यम से समाज में अपने 100 वर्ष की साधना, देश सेवा, देश के प्रति समर्पित समर्पण भाव को दर्शाने निकले हैं.
भारतीय नव वर्ष का आज जो महत्व है वह यह है कि आज के ही दिन भगवान ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी. सतयुग का प्रारंभ भी आज के दिन हुआ था. भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक का दिन भी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का दिन ही था. स्वामी दयानंद सरस्वती ने आर्य समाज की स्थापना भी इसी पवित्र दिन किया था.
उन्होंने कहा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक परम पूजनीय डॉ. केशव राव बलिराम हेडगेवार का जन्म भी आज के ही दिन हुआ था. उन्होंने कहा कि जब तक देश में स्वाभाविक देशभक्ति नहीं होगी तब तक देश में स्वाभाविक समाज भक्ति नहीं होगी.
तब तक देश का उत्थान नहीं होगा. देश के उत्थान का आधार स्वाभाविक देशभक्ति ही है. यही वजह है देश के लिए जीने वाले लोगों की श्रृंखला खड़ी करने के लिए ही 27 सितंबर 1925 को डॉ. केशव राव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी.
स्थापना का उद्देश्य था संपूर्ण हिंदू समाज का संगठन, स्थापना का उद्देश्य था संपूर्ण हिंदू समाज को निर्दोष बनाना, संपूर्ण हिंदू समाज देशभक्त बने. हर व्यक्ति देश के लिए जिए और देश हित में मरे. जब पूरा विश्व आज युद्ध की स्थिति में है तो अधिकांश देश आपस में लड़ रहे हैं.
विश्व में केवल एक ही आशा की किरण है, वह भारत है. यह विश्व को युद्ध से शांति की ओर ले जा सकता है. भारत ही है जो विश्व को पर सदमार्ग पर ले जा सकता है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की साधना है कि समाज की सेवा और उसमें समर्पण की भावना उत्पन्न करना.
इसी भावना से आज देश को संपूर्ण विश्व में एक समर्थवान शक्तिशाली राष्ट्र की ओर प्रस्तावित किया है. आज विश्व का नेतृत्व करने का समर्थ यदि किसी देश में है तो वह भारत में है. संघ और भारत दोनों एक रूप हैं.
संघ के इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रांत प्रचारक प्रमुख डॉ अवधेश, सह विभाग संघचालक आत्मा सिंह, विभाग प्रचारक अजय नारायण, जिला प्रचारक मनीष, रोहित, रामनाथ, प्रवीण, डॉ. अभिषेक, पुनीत आदि उपस्थित रहे.
पथ संचलन महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज गोलघर से निकल कर हरिओम नगर तिराहा, आंबेडकर चौक, शास्त्री चौक, कचहरी चौक, टाउनहॉल, बैंक रोड, विजय चौक, गणेश चौक, जिला परिषद होते हुए पुनः महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज परिसर में समाप्त हुआ. जगह जगह समाज द्वारा पुष्प वर्षा कर पथ संचलन कर रहे स्वयंसेवकों का अभिनंदन किया गया.
रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला










Users Today : 8
Users This Year : 10666
Total Users : 23259
Views Today : 10
Total views : 45671