अपना दल कमेरावादी ने आयोजित किया “समता सम्मेलन”।

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चंदौली अपना दल कमेरावादी के तत्वावधान में मंगलवार को मध्याह्न 12 बजे से मुगलसराय विधानसभा के गोरईया मन्नापुर में विशाल समता सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसे अपना दल कमेरावादी की शीर्ष नेता व सिराथू विधायक डॉ पल्लवी पटेल ने संबोधित किया। सम्मेलन में यूजीसी रेगुलेशन 2026 लागू करने, जातिवार जनगणना कराकर ओबीसी की जनगणना सुनिश्चित करने आदि प्रस्ताव पारित किए गए।

अपना दल कमेरावादी की शीर्ष नेता व सिराथू विधायक डॉ पल्लवी पटेल ने कहा कि वंचितों के लिए संघर्ष करते हुए हम आगामी 2027 के सरकार के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे, अगली प्रदेश सरकार अपना दल कमेरावादी के सहयोग से बनेगी। इसके लिए प्रदेश भर में जमीनी स्तर तक मजबूत संगठन बनाते हुए हम आगामी 2027 चुनाव में शामिल होंगे।

उन्होंने कहा कि हम एक समतामूलक समाज की स्थापना चाहते हैं। जिसमें सभी को सामाजिक आर्थिक व राजनीतिक न्याय के साथ ही अवसर की समता प्राप्त हो। आज भी जाति व्यवस्था भारतीय समाज की सच्चाई है। विश्वविद्यालय से लेकर गांव तक जाति विषमता कायम है। उच्च शिक्षण संस्थानों में पिछड़े, दलित एवं अल्पसंख्यक छात्रों के जाति एवं धर्म आधारित उत्पीड़न और भेदभाव की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है।

यूजीसी के आंकड़ों के अनुसार 118 प्रतिशत वृद्धि हुई है। रोहित वेमुला और पायल तड़वी की मौत की बड़ी घटनाओं के बाद लम्बी लड़ाई के उपरान्त माननीय उच्चतम न्यायालय के हस्तक्षेप पर यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 आया। यह जातीय भेदभाव एवं उत्पीड़न के विरूद्ध एक प्रयास की शुरुआत ही हुई थी।

तभी देशभर के शोषणकारी ताकतों, खासकर भाजपा और उसके अनुसांगिक संगठन के कार्यकर्ताओं ने सरकार के संरक्षण में खूब तांडव मचाया। अन्याय, उत्पीड़न और जातीय भेदभाव को अपना वर्चस्ववादी विशेषाधिकार समझने वाले लोगों ने इसे माननीय उच्चतम न्यायालय के न्यायिक प्रक्रिया में ले जाकर लंबित करा दिया।

यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़े वर्ग के साथ ही अक्षम छात्रों के उत्पीड़न एवं भेदभाव पर रोक लगाना तथा इसके लिए तंत्र/फोरम की स्थापना करना है।

सामाजिक न्याय के लिए ठोस एवं कारगर नीति निर्धारण एवं योजनाएं बनाने के लिए एससी एसटी ओबीसी की जातिवार जनगणना अत्यंत आवश्यक है। लंबे संघर्ष के बाद जाति जनगणना की घोषणा हुई, लेकिन अभी भी भाजपा सरकार की मंशा ठीक नहीं है।

इसलिए जातीय भेदभाव व उत्पीड़न के खिलाफ यूजीसी नियम 2026 लागू करवाने, एससी एसटी के साथ ओबीसी की जातिवार जनगणना सुनिश्चित करवाने और सम्पूर्ण सामाजिक न्याय, संविधान की रक्षा, भागीदारी एवं समता के लिए एकजुट होना जरूरी है।

सम्मेलन की अध्यक्षता  उमेश चंद्र मौर्य, संचालन बलराम यादव एवं धन्यवाद ज्ञापन जिलाध्यक्ष गुरुपुरन पटेल ने किया।

जिसमें प्रमुख रूप से प्रदेश महासचिव गगन प्रकाश यादव, किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष राजेश प्रधान, संदीप पटेल, रमेश पटेल  आदि लोगों ने विचार व्यक्त किया।

 

रिपोर्ट – ईशान मिल्की

 

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