एनएसएस के सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन, जागरूकता और सेवा के संकल्प के साथ हुआ कार्यक्रम

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इलिया (चंदौली)।

भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सप्त दिवसीय विशेष शिविर का समापन रविवार, 15 मार्च 2026 को सावित्री बाई फुले राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय चकिया के तत्वावधान में प्राथमिक विद्यालय मुहम्मदाबाद में आयोजित समापन समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम का संयोजन कार्यक्रम प्रभारी डॉ. सुरेन्द्र कुमार सिंह एवं डॉ. कलावती के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ।

समापन समारोह से पूर्व स्वयंसेवक एवं स्वयंसेविकाओं ने प्रतिदिन की भांति शिविर स्थल पर साफ-सफाई, पानी का छिड़काव, दरी बिछाने तथा पोस्टर-बैनर लगाने जैसे कार्यों को संपन्न कर अनुशासन और सेवा भावना का परिचय दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि लालब्रत सिंह (पूर्व प्रधानाध्यापक, राजकीय हाईस्कूल मूसाखांड), कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. मिथिलेश कुमार सिंह, पूर्व कार्यक्रम प्रभारी डॉ. शमशेर बहादुर तथा कार्यक्रम प्रभारी डॉ. सुरेन्द्र कुमार सिंह द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण, पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्वयंसेविकाओं ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत नाज, सादिया, महिमा और प्रतिभा ने प्रस्तुत किया। वहीं राष्ट्रीय सेवा योजना का लक्ष्य गीत अनुप्रिया ने तथा एकता गीत नाज और महिमा ने प्रस्तुत कर कार्यक्रम में उत्साह का माहौल बना दिया। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि ग्राम प्रधान मुहम्मदाबाद संगीता केशरी ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के साथ समाज की संवेदनशील समस्याओं के प्रति लोगों को सजग और जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्य अतिथि लालब्रत सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा और सेवा ही समाज तथा राष्ट्र के सर्वांगीण विकास का सबसे बड़ा आधार है। राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को समाज सेवा का बेहतर मंच मिलता है, जिससे उनमें सेवा, सहयोग और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। उन्होंने “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” के संदेश के साथ स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. मिथिलेश कुमार सिंह ने कहा कि किसी भी व्यक्ति द्वारा किया गया छोटा सा कार्य भी भविष्य में बड़े परिणाम देता है।

योग्यता, तत्परता और त्याग की भावना समाज और राष्ट्र के संतुलित विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिसमें राष्ट्रीय सेवा योजना का श्रमदान और बौद्धिक गतिविधियां अहम योगदान देती हैं। पूर्व कार्यक्रम प्रभारी डॉ. शमशेर बहादुर ने कहा कि सात दिवसीय विशेष शिविर के दौरान स्वयंसेवकों में समर्पण, अनुशासन और सेवा की भावना का विकास होता है, जो उनके व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होता है।

कार्यक्रम प्रभारी डॉ. सुरेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि शिविर के दौरान स्वयंसेवकों ने मतदाता जागरूकता, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं योग, नशा मुक्ति, जल संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण, नारी सशक्तिकरण, स्वच्छता, सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर स्लोगन, भाषण, रैली, निबंध और सर्वे के माध्यम से शेरपुर गांव और मुहम्मदाबाद की मलिन बस्तियों में जाकर लोगों को जागरूक किया।

कार्यक्रम में स्वागत भाषण डॉ. सुरेन्द्र कुमार सिंह ने दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कलावती ने किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शमशेर बहादुर ने किया तथा आख्या रोशन मौर्या ने प्रस्तुत की। सड़क सुरक्षा गीत की प्रस्तुति तूबा आफरीन ने दी। इस अवसर पर प्रिंस मोदनवाल, राहुल सोनकर, अमन राजभर, अजय कुमार, खुशबू, आशा विश्वकर्मा, शालू कुमारी, सोनी, अनामिका सहित अनेक स्वयंसेवकों ने विभिन्न व्यवस्थाओं में सहयोग किया।

 

रिपोर्ट अलीम हाशमी

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